Bihar Teacher Transfer: बिहार के सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंचने वाली है. म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के तबादले 15 सितंबर तक पूरे करने की तैयारी है. इसके बाद 17 से 23 सितंबर तक करीब 3 लाख शिक्षक ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे. शिक्षा विभाग छठ से पहले पूरी प्रक्रिया खत्म करना चाहता है.
पहले म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों का होगा ट्रांसफर
ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है. पहले चरण में म्यूचुअल ट्रांसफर होगा. इसके बाद सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा. तीसरे चरण में ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए जाएंगे.
5 अगस्त तक म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया था. इनमें से करीब 40 हजार शिक्षकों का ट्रांसफर हो चुका है. बाकी शिक्षकों की प्रक्रिया भी तय समय के अनुसार पूरी की जाएगी.
17 से 23 सितंबर तक पसंद का स्कूल चुनने का मौका
म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के ट्रांसफर के बाद 17 सितंबर से ऐच्छिक ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी. शिक्षक 23 सितंबर तक पोर्टल के माध्यम से अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे.
इस चरण में करीब 3 लाख शिक्षकों के आवेदन करने की संभावना है. इसमें वे शिक्षक भी शामिल होंगे, जिनका म्यूचुअल ट्रांसफर नहीं हो पाया है. 2025 में ट्रांसफर पा चुके शिक्षक भी ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे.
ग्रामीण स्कूलों को लेकर विभाग की बड़ी चिंता
ऐच्छिक ट्रांसफर में शिक्षा विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण स्कूलों को लेकर है. ज्यादातर शिक्षक शहरी इलाकों में पोस्टिंग चाहते हैं. ऐसे में मांग के मुताबिक ट्रांसफर हुआ तो कई ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो सकती है.
विभाग के सामने आशंका है कि राज्य के 5,000 से ज्यादा ग्रामीण स्कूल शिक्षकविहीन हो सकते हैं. इसलिए ऐच्छिक ट्रांसफर से पहले पोस्टिंग के नियमों पर विचार किया जा रहा है. कोशिश है कि शिक्षकों की पसंद के साथ ग्रामीण स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित न हो.
दो चरणों के बाद रिक्त पदों का डाटा होगा लॉक
म्यूचुअल और सरप्लस ट्रांसफर पूरा होने के बाद सॉफ्टवेयर में वास्तविक रिक्त पदों का डाटा लॉक कर दिया जाएगा. इसके बाद दोबारा म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प नहीं मिलेगा.
इसी रिक्ति के आधार पर ऐच्छिक ट्रांसफर में शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे. विभाग इसी व्यवस्था के जरिए खाली पदों का सही इस्तेमाल करना चाहता है.
प्रमाण पत्रों की जांच भी जारी
ट्रांसफर प्रक्रिया के साथ शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच भी चल रही है. शैक्षणिक, जाति, कैटेगरी और दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है.
जिन शिक्षकों के कागजात संदिग्ध पाए जाएंगे, उनका ट्रांसफर जांच पूरी होने तक होल्ड पर रहेगा. यानी केवल आवेदन करने से ट्रांसफर सुनिश्चित नहीं होगा. दस्तावेजों का सत्यापन भी जरूरी होगा.
31 अक्टूबर तक जारी होगी अंतिम सूची
विभाग ने ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया के लिए टाइमलाइन तय की है. 10 से 14 सितंबर तक म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया चलेगी. 16 सितंबर को रिक्त पदों का प्रकाशन किया जाएगा.
इसके बाद 17 से 23 सितंबर तक ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए जाएंगे. 24 सितंबर से 31 अक्टूबर तक अंतिम ट्रांसफर सूची प्रकाशित की जाएगी.
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छठ की छुट्टी के बाद नए स्कूल में योगदान की तैयारी
शिक्षा विभाग की कोशिश है कि 31 अक्टूबर तक अंतिम सूची जारी हो जाए. इससे शिक्षक छठ की छुट्टियों के बाद अपने नए स्कूल में योगदान कर सकेंगे.
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के बाद ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन शुरू होगा. इसी आधार पर शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर तक ट्रांसफर की अंतिम सूची प्रकाशित करने का लक्ष्य है.
बिहार शिक्षक ट्रांसफर की पूरी टाइमलाइन
- 10-14 सितंबर: म्यूचुअल ट्रांसफर
- 16 सितंबर: रिक्तियों का प्रकाशन
- 17-23 सितंबर: ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन
- 24 सितंबर-31 अक्टूबर: अंतिम ट्रांसफर सूची का प्रकाशन
