Bihar Revenue Department Action: बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है. विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात आठ सर्किल ऑफिसर और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. यह कार्रवाई विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है.
मंत्री की मंजूरी के बाद शुरू हुई कार्रवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कई विभागीय फाइलों पर कार्रवाई संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसके तहत कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है, कुछ पर आरोप तय किए गए हैं, कुछ की वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया गया है. कई मामलों की जांच के लिए विशेष समितियां भी गठित की गई हैं.
विभाग ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, भूमि सुधार और राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पूर्व डेहरी सीओ पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप
रिटायर्ड पूर्व डेहरी सर्किल ऑफिसर सीमा रानी पर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और सरकारी भूमि के अवैध ट्रांसफर पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा है. उन पर म्यूटेशन अपील के आदेशों को लागू नहीं करने और नियमों के विरुद्ध जाके एक कर्मचारी को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगे हैं. विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है.
इटरही सीओ की वेतन वृद्धि रोकी गई
वर्तमान में बक्सर के इटरही सर्किल ऑफिसर और पूर्व औरंगाबाद राजस्व अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है. उन पर गैर-बंदोबस्ती जमीन को रैयती भूमि बताकर म्यूटेशन की अनुशंसा करने का आरोप था.
गोपालगंज के बरौली के पूर्व राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह के खिलाफ भी आरोप तय कर दिए गए हैं. इसी वर्ष जनवरी में निगरानी विभाग ने उन्हें कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. फिलहाल वे निलंबित चल रहे हैं.
बियाडा की जमीन मामले की होगी जांच
पूर्व मोतीपुर सर्किल ऑफिसर रुचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की जमीन का अवैध तरीके से म्यूटेशन करने का आरोप है. मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय समिति बनाई गई है.
बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के पूर्व प्रभारी सीओ और वर्तमान में सुपौल में अतिरिक्त जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद में 11.47 लाख रुपये की फाइनेंशियल इर्रेगुलैरिटीज का आरोप है. उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है.
कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
बगहा-1 के सर्किल ऑफिसर उदय शंकर मिश्रा पर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के जमीन रिकॉर्ड में बदलाव कर म्यूटेशन एक्सेप्ट करने का आरोप लगा है. रामगढ़वा के सीओ राजा कुमार पर भ्रष्टाचार, बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत लेने और भूमि सुधार से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा नहीं करने के आरोप लगे हैं. रामनगर के पूर्व सीओ और वर्तमान में पश्चिम चंपारण भूमि अधिग्रहण कार्यालय में तैनात विनोद कुमार मिश्रा पर भी जमीन रिकॉर्ड में अनियमित बदलाव और गैर-बंदोबस्ती भूमि के मामलों में म्यूटेशन स्वीकृत करने का आरोप है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर कार्रवाई
राजस्व विभाग ने बीते एक सप्ताह में लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई की है. इससे पहले 27 मई को 14 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. 1 जून को सासाराम सदर के सर्किल ऑफिसर पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई थी. ताजा कार्रवाई के बाद एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है.
राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन और लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है. विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार की पार्टी ने रचा इतिहास, एक करोड़ पार पहुंची सदस्यों की संख्या
पटना में कोचिंग बवाल के बाद सरकार एक्शन में, नकेल कसने की तैयारी, मिथिलेश तिवारी ने किया ऐलान
