मोतिहारी, मधुबनी, सीवान समेत 5 जिलों में अब SSP संभालेंगे कमान, ग्रामीण एसपी का इलाका भी तय

Bihar Police Administration: बिहार पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव हुआ है. कई जिलों में SP पद को बदलकर SSP कर दिया गया है. समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली, सीवान और पूर्वी चंपारण में नई व्यवस्था लागू होगी. ग्रामीण SP का कार्यक्षेत्र तय कर दिया गया है.

Bihar Police Administration: बिहार की राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया की तरह ही अब समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली, सीवान और पूर्वी चंपारण में भी सीनियर पुलिस अधीक्षक यानी SSP का पद बना दिया गया है. इन पांचों बड़े जिलों में पहले पुलिस अधीक्षक (SP) कमान संभालते थे, लेकिन अब उनके पदनाम को अपग्रेड करके एसएसपी कर दिया गया है. पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में अपना ऑफिसियल लेटर भी जारी कर दिया है.

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला

कुछ समय पहले ही इन जिलों में ग्रामीण एसपी (Rural SP) के नए पद बनाए गए थे. अब एक ही जिले में दो बड़े एसपी रैंक के अधिकारी होने से उनके बीच काम या अधिकारों को लेकर कोई उलझन न हो, इसलिए पुलिस मुख्यालय ने दोनों की जिम्मेदारियां और इलाके साफ-साफ बांट दिए हैं. मुख्यालय का मानना है कि इस कदम से बड़े जिलों में पुलिस प्रशासन अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगा और आपसी टकराव की स्थिति भी पैदा नहीं होगी.

जानिए किस ग्रामीण एसपी को मिला कौन सा इलाका

नए आदेश के तहत सभी पांचों जिलों के ग्रामीण एसपी का कार्यक्षेत्र पूरी तरह तय कर दिया गया है. मोतिहारी यानी पूर्वी चंपारण के ग्रामीण एसपी के अधीन सिकरहना, पकड़ीदयाल और रक्सौल अनुमंडल के थाने रहेंगे, जबकि अरेराज और चकिया अनुमंडल के मामलों की निगरानी पहले की तरह सीधे जिला एसएसपी के स्तर पर ही की जाएगी. इसी तरह समस्तीपुर के ग्रामीण एसपी रोसड़ा, दलसिंहसराय और पटोरी अनुमंडल के थानों की कमान संभालेंगे.

मधुबनी जिले की बात करें तो यहां के ग्रामीण एसपी के जिम्मे झंझारपुर, बेनीपट्टी, जयनगर और फुलपरास अनुमंडल के थाने सौंपे गए हैं. वहीं वैशाली जिले में तैनात ग्रामीण एसपी के अंतर्गत महाराजगंज, मैरवा और आंदर अनुमंडल के थानों को रखा गया है. इस सटीक बंटवारे से पुलिसिंग व्यवस्था में कोई भ्रम नहीं रहेगा.

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आम जनता को क्या होगा फायदा

राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और मुकदमों के त्वरित निष्पादन में बड़ी मदद मिलेगी. जिम्मेदारियों के स्पष्ट विभाजन से जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे आम लोगों को न्याय मिलने में आसानी होगी और पुलिसिंग का स्तर और अधिक मजबूत होगा.

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Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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