Bihar Samajik Suraksha Pension: सीएम सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 97.84 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए 1423.94 करोड़ रुपये भेज दिए हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया है कि अब हर महीने की 10 तारीख तक पेंशन की राशि सीधे खातों में पहुंच जाएगी ताकि जरूरतमंदों को अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए परेशान न होना पड़े. सरकार समाज के सबसे कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए लगातार काम कर रही है.
पेंशन नहीं मिली तो तुरंत करें यह काम, टोल फ्री नंबर भी जारी
अगर आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे ज्यादा है और आपको इस पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, तो सरकार ने नया आवेदन करने को कहा है. सीएम ने अपील की है कि सभी लाभार्थी अपने आधार कार्ड को बैंक खाते से जरूर लिंक करवाएं ताकि डीबीटी के जरिए पैसा बिना किसी रुकावट के समय पर पहुंचे. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंचायत स्तर की बैठकों में यह पता लगाएं कि कौन से पात्र लोग अभी तक इस योजना से छूटे हैं और उन्हें जल्द से जल्द जोड़ें. किसी भी समस्या या जानकारी के लिए लाभार्थी टोल फ्री नंबर 1800-3456-262 पर कॉल कर सकते हैं.
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
बिहार वृद्धा पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं. सबसे पहले, आवेदन करने वाले बुजुर्ग की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए. दूसरी शर्त यह है कि परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसकी जांच सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र से होगी. इसके अलावा, आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. अगर कोई दूसरे राज्य से आकर यहाँ रह रहा है, तो उन्हें राशन कार्ड या बिजली बिल जैसे वैध निवास प्रमाण पत्र देने होंगे.
आवेदन के लिए इन दस्तावेजों को रखें तैयार
योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास कुछ जरूरी कागजात होने चाहिए. इसमें पहचान के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है. बिहार का निवासी होने के सबूत के तौर पर राशन कार्ड या निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) देना होगा. इसके अलावा जिला सब-डिविजन अधिकारी (SDO) या तहसील प्रशासन से बना आय प्रमाण पत्र होना चाहिए, जिसमें सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से कम दर्ज हो. पेंशन के पैसे मंगाने के लिए बैंक पासबुक या कैंसल चेक और हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो भी जरूरी है. यदि आवेदक का नाम बदल गया है, तो नाम बदलने का आधिकारिक प्रमाण पत्र भी साथ लगाना होगा.
घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा तरीका
ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए सबसे पहले बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट sspmis.bihar.gov.in पर जाना होगा. यहां पोर्टल पर नया उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करके अपने मोबाइल नंबर और आधार नंबर से ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा करना होता है. लॉगिन करने के बाद वृद्धा पेंशन वाले सेक्शन में जाकर आवेदन फॉर्म को खोलें और उसमें अपनी सभी सही जानकारियां जैसे नाम, पिता/पति का नाम, उम्र, पता और बैंक डिटेल्स भरें.
इसके बाद मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें, जिनका साइज 2 MB से कम और फॉर्मेट PDF या JPG होना चाहिए. फॉर्म सबमिट करने के बाद मिले आवेदन नंबर का स्क्रीनशॉट रख लें. फॉर्म जमा होने के 7 से 10 दिनों के भीतर जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय से वेरिफिकेशन के लिए कॉल आने पर अपने ओरिजिनल दस्तावेज लेकर जाएं, जिसके बाद पेंशन स्वीकृत हो जाएगी.
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ऑफिस जाकर ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने नजदीकी सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यालय या तहसील ऑफिस में जाकर वृद्धा पेंशन का आवेदन फॉर्म ले सकते हैं. फॉर्म को पूरी तरह भरकर उसके साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की प्रमाणित फोटोकॉपी अटैच करें और ऑफिस में जमा कर दें. फॉर्म जमा होने के 15 दिनों के भीतर अधिकारी आपके कागजातों की जांच करेंगे और पेंशन शुरू करने का फैसला लेंगे. मंजूरी मिलने के बाद आपको बैंक शाखा में जाकर अपने खाते को पेंशन नंबर से लिंक कराना होगा. ध्यान रहे कि आवेदन से पहले अपना आय प्रमाण पत्र सही तरीके से बनवा लें, क्योंकि आय सीमा से अधिक होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है.
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