पालीगंज में 9 ताले तोड़कर अष्टधातु मूर्तियां चोरी, स्थानीय लोगों में आक्रोश

Bihar News: पटना के पालीगंज इलाके में अंकुरी गांव स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी में शनिवार देर रात शातिर चोरों ने नौ ताले तोड़कर भगवान की अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां चुरा लीं. करोड़ों की कीमत वाली इन मूर्तियों के गायब होते ही गांव में आक्रोश का माहौल बन गया है.

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना से सटे पालीगंज में शनिवार की देर रात अंकुरी गांव स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी में घुसकर शातिर चोरों ने भगवान लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी की अष्टधातु की मूर्तियां गायब कर दीं.

रविवार सुबह जब ग्रामीण रोज की तरह पूजा-अर्चना के लिए ठाकुरबाड़ी मंदिर पहुंचे, तो मंदिर का नजारा देखकर सन्न रह गए. मूर्तियों के गायब होने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई.

9 तालों की सुरक्षा भी रही नाकाम

चोरों के दुस्साहस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मंदिर में प्रवेश के लिए एक-दो नहीं, बल्कि पूरे नौ ताले तोड़े. यह साफ संकेत है कि अपराधी पहले से पूरी तैयारी के साथ आए थे.

ग्रामीणों के अनुसार, इन मूर्तियों का ऐतिहासिक महत्व है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.

ग्रामीणों में आक्रोश

अंकुरी गांव की इस ठाकुरबाड़ी का इतिहास काफी पुराना है और यह ग्रामीणों की आस्था का बड़ा केंद्र है. यह पहली बार नहीं है जब इस ठाकुरबाड़ी को निशाना बनाया गया हो.

ग्रामीणों ने बताया कि करीब सात और बीस साल पहले भी यहां से मूर्तियां चोरी हुई थीं, जिन्हें काफी कोशिशों के बाद बरामद किया गया था. बार-बार हो रही इन घटनाओं ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जांच में जुटी पुलिस

वारदात की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी राजीव चंद्र सिंह और थानाध्यक्ष सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने मंदिर परिसर का बारीकी से मुआयना किया है. डीएसपी ने बताया कि चोरों की पहचान के लिए तकनीकी टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है.

पुलिस को संदेह है कि इस वारदात के पीछे मूर्तियों की तस्करी करने वाला कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह हो सकता है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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