Bihar News: विजय कुमार सिन्हा का बड़ा आदेश-अधिकारियों के नंबर होंगे सार्वजनिक, हर शिकायत की तय होगी डेडलाइन

Bihar News: अब नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर नहीं, शिकायतें फाइलों में नहीं दबेंगी और अधिकारी “आउट ऑफ रीच” नहीं रहेंगे. सरकार ने शहरी प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ने के लिए बड़ा प्रशासनिक दांव चला है.

Bihar News: पटना से लेकर राज्य के तमाम नगर निकायों तक अब जवाबदेही का नया ढांचा तैयार किया जा रहा है. उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने नगर निकायों की ढिलाई और शिकायतों के लंबित रहने पर सख्त रुख अपनाते हुए कई अहम निर्देश जारी किए हैं.

इसका मकसद साफ है शहरी सेवाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करना.

नगर निकायों में सीधे संपर्क की व्यवस्था

राज्य के सभी नगर निकायों में कार्यपालक पदाधिकारी, स्वच्छता पदाधिकारी और सिटी मैनेजर को 15 जनवरी तक CUG नंबर जारी करने का आदेश दिया गया है. इन नंबरों के जरिए आम लोग सीधे जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे शिकायतें नीचे के स्तर पर ही सुनी जाएंगी और उन्हें दबाने की गुंजाइश कम होगी.

हर शिकायत बनेगी टिकट, मुख्यालय करेगा निगरानी

शहरी प्रशासन में शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ने की तैयारी है. हर नगर निकाय में अलग व्हाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा, जहां शिकायत दर्ज होते ही उसका डिजिटल टिकट बनेगा.

इसके साथ निस्तारण की समयसीमा तय होगी और पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यालय से की जाएगी. इससे शिकायतों के “लटकने” की संस्कृति पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है.

‘संपर्क पथ’ से आसान होगी सेवाओं तक पहुंच

उपमुख्यमंत्री ने बड़े शहरों में ‘संपर्क पथ’ चिन्हित करने और उन्हें नगर निगम के जरिए विकसित कराने का निर्देश दिया है. इन संपर्क पथों का उद्देश्य नागरिकों को नगर निगम की सेवाओं तक स्पष्ट और सुलभ रास्ता देना है, ताकि आम लोग जान सकें कि किस काम के लिए कहां और किससे संपर्क करना है.

परिमार्जन प्लस और दाखिल-खारिज पर भी सख्ती

इसी समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कामकाज पर भी फोकस रहा. विजय कुमार सिन्हा ने ऐलान किया कि 15 जनवरी तक परिमार्जन प्लस के लंबित मामलों का निपटारा करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा.

वहीं 31 जनवरी तक दाखिल-खारिज के सभी लंबित मामलों के निष्पादन का लक्ष्य तय किया गया है. सरकार का दावा है कि इससे किसानों के भूमि अभिलेख अपटूडेट होंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी.

नगर निकायों में CUG नंबर, डिजिटल शिकायत प्रणाली और संपर्क पथ जैसी व्यवस्थाएं अगर जमीन पर उतरीं, तो यह शहरी प्रशासन और जनता के रिश्ते को नई दिशा दे सकती हैं. अब असली परीक्षा इन आदेशों के प्रभावी होगी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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