बिहार नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव की तारीख तय, 26 से 31 मई तक मतदान

Bihar Nagar Nikay Election: बिहार सरकार ने सभी नगर निकायों में सशक्त स्थायी समिति चुनाव की नई तारीख घोषित कर दी है. 26 से 31 मई के बीच गुप्त मतदान के जरिए समिति का गठन होगा.

Bihar Nagar Nikay Election: बिहार के शहरों के विकास और नगर निकायों के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने काफी समय से टल रहे सशक्त स्थायी समिति के चुनाव की नई तारीखों का एलान कर दिया है.

विभाग ने राज्य के सभी जिलों के डीएम को आदेश जारी किया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में आगामी 26 मई से 31 मई तक हर हाल में सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव पूरा करा लें.

इस फैसले की जानकारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने मीडिया को दी है. उन्होंने कहा कि सशक्त स्थायी समिति का गठन समय पर होने से नगर निकायों के भीतर रुके हुए विकास कामों को तेजी से निपटाने में मदद मिलेगी.

मेयर और मुख्य पार्षदों के एकाधिकार पर लगी रोक

इस चुनाव को लेकर बिहार सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. पहले के नियमों के मुताबिक सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों का चुनाव या चयन सीधे तौर पर नगर निगम के महापौर (मेयर) या नगर निकायों के मुख्य पार्षद के स्तर से ही कर लिया जाता था.

इस पुरानी व्यवस्था की वजह से अक्सर मेयर और मुख्य पार्षदों पर अपनी पसंद के लोगों को शामिल करने, मनमानी चलाने और ट्रांसफर-पोस्टिंग या विकास योजनाओं में भारी पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगते रहते थे.

पार्षदों के बीच होने वाले इसी आपसी विवाद और असंतोष को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए नीतीश सरकार ने इस चयन का पूरा अधिकार सीधे तौर पर जनता द्वारा चुने गए वार्ड पार्षदों की झोली में डाल दिया है. अब नए नियमों के तहत संबंधित जिले के डीएम की सीधी देखरेख में सभी वार्ड पार्षदों के बीच सीक्रेट बैलेट इलेक्शन कराया जाएगा. इसके जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ समिति के सदस्यों को चुना जाएगा.

पहले अप्रैल में होना था चुनाव

बिहार के सभी नगर निकायों में इस सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों को चुनने के लिए पहले 15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक का समय तय किया गया था. उस समय विभाग ने इसकी पूरी तैयारियां भी मुकम्मल कर ली थीं और जिला प्रशासनों को जरूरी गाइडलाइंस भी भेज दी थीं. लेकिन ऐन वक्त पर कुछ अपरिहार्य और तकनीकी कारण बता कर सरकार को इस पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को अगले आदेश तक के लिए अचानक स्थगित करना दिया था.

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सभी डीएम को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का आदेश

नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि अब राज्य सरकार ने उन सभी स्थगित सीटों और निकायों में चुनाव प्रक्रिया को दोबारा से और समयबद्ध तरीके से शुरू करने का अंतिम निर्णय ले लिया है. उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम पुख्ता करें ताकि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और बिल्कुल शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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