Bihar Land Transfer Rule Change: लैंड ट्रांसफर के नियम में बदलाव, DM को अब 10 एकड़ तक मंजूरी देने का अधिकार

Bihar Land Transfer Rule Change: बिहार सरकार ने जमीन हस्तांतरण के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब डीएम 10 एकड़ और कमिश्नर 20 एकड़ तक सरकारी भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे सकेंगे. साथ ही डिजिटल भूमि रिकॉर्ड को भी अनिवार्य बनाया गया है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Land Transfer Rule Change: बिहार सरकार ने विकास योजनाओं और सरकारी परियोजनाओं को तेज गति देने के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए निर्देश जारी करते हुए जिलाधिकारियों (DM) और प्रमंडलीय आयुक्तों (कमिश्नर) के अधिकार बढ़ा दिए हैं. सरकार का मानना है कि इस फैसले से सरकारी विभागों को जमीन उपलब्ध कराने में होने वाली देरी कम होगी और सड़क, स्कूल, अस्पताल समेत कई विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ सकेंगी.

सरकारी विभागों के बीच जमीन हस्तांतरण होगा आसान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब सरकारी विभागों के बीच जमीन के मुफ्त या स्थायी हस्तांतरण से जुड़े कई मामलों का निपटारा जिला और प्रमंडल स्तर पर ही किया जा सकेगा.

अब तक कई मामलों में फाइलों को राज्य मुख्यालय भेजना पड़ता था, जिससे परियोजनाओं में देरी होती थी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई फैसले स्थानीय स्तर पर ही लिए जा सकेंगे.

पहले क्या था नियम?

पहले लागू व्यवस्था के तहत जिलाधिकारी को केवल 3 एकड़ तक की सरकारी या गैर मजरूआ आम भूमि के हस्तांतरण की मंजूरी देने का अधिकार था.

वहीं 3 एकड़ से अधिक और 5 एकड़ तक जमीन हस्तांतरण के मामलों का फैसला प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर किया जाता था. इससे छोटी परियोजनाओं में भी लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ता था.

यह भी पढ़ें: Bihar Vidhwa Pension Scheme: सरकार दे रही हर महीने 1100 रुपये पेंशन , जानिए विधवा पेंशन योजना की पूरी प्रक्रिया

अब DM को मिला 10 एकड़ तक का अधिकार

नए नियमों के तहत अब जिलाधिकारी 10 एकड़ तक सरकारी भूमि का मुफ्त या स्थायी हस्तांतरण कर सकेंगे.

इससे जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समय पर जमीन उपलब्ध हो सकेगी. सरकार को उम्मीद है कि सड़क निर्माण, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी भवन और अन्य आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं में तेजी आएगी.

20 एकड़ तक का फैसला करेंगे कमिश्नर

नई व्यवस्था के अनुसार 10 एकड़ से अधिक और 20 एकड़ तक की सरकारी भूमि के हस्तांतरण का अधिकार प्रमंडलीय आयुक्त को दिया गया है.

यदि किसी परियोजना के लिए 20 एकड़ से अधिक भूमि की जरूरत होगी तो ऐसे प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाएंगे और अंतिम मंजूरी मंत्रिपरिषद के स्तर पर दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: Bihar E-Bus Service: लो भैया एक और बड़ी खुशखबरी, इन 6 शहरों में दौड़ेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें

डिजिटल रिकॉर्ड को बनाया गया अनिवार्य

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष जोर दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब विभिन्न कार्यों में केवल डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त भूमि रिकॉर्ड ही मान्य होंगे.

सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड की सत्यता सुनिश्चित होगी और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगेगी. साथ ही लोगों को कागजी प्रमाणपत्रों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

विकास परियोजनाओं को मिलेगा फायदा

सरकार को उम्मीद है कि नए नियम लागू होने के बाद जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज होगी. इससे सरकारी योजनाओं को समय पर जमीन उपलब्ध हो सकेगी और विकास कार्यों में प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी.

यह भी पढ़ें: Darbhanga Airport Night Landing: जल्द शुरू हो सकती है नाइट लैंडिंग, कोहरे में नहीं होगी परेशानी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत एक पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, हाइपरलोकल और ऑडियंस-फर्स्ट कंटेंट क्रिएशन का चार सालों से अधिक का एक्सपीरियंस है. उन्होंने बिहार की जमीनी राजनीति, ग्रामीण समाज, प्रशासनिक व्यवस्था, कृषि, शिक्षा, रोजगार, चुनाव, सामाजिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर लगातार काम किया है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर एवं सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे बिहार स्पेशल समाचार, एक्सप्लेनर स्टोरी, ब्रेकिंग न्यूज और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करते हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी पहचान ऐसे पत्रकार के रूप में बन रही है जो सिर्फ खबर नहीं लिखते, बल्कि उसके पीछे छिपे सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय पहलुओं को भी पाठकों के सामने सरल भाषा में रखने का प्रयास करते हैं. उनकी लेखन शैली बोलचाल की हिंदी, तथ्यात्मक प्रस्तुति और डिजिटल पाठकों की जरूरतों के अनुरूप मानी जाती है. वे विशेष रूप से उन विषयों पर काम करते हैं जिनका सीधा प्रभाव आम लोगों के जीवन पर पड़ता है. प्रभात खबर में वर्तमान भूमिका अक्टूबर 2024 से प्रभात खबर की डिजिटल टीम का हिस्सा बनने के बाद अनिकेत बिहार की राजनीति, प्रशासन, सरकारी योजनाओं, मौसम, कृषि, रोजगार, पंचायत, शिक्षा और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए तैयार कर रहे हैं. साथ ही मुजफ्फरपुर यूनिट में डिजिटल आउटपुट टीम को लीड कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में विशेष जिम्मेदारी अनिकेत के करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय प्रभात खबर का विशेष चुनावी अभियान "इलेक्शन एक्सप्रेस" रहा है. इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के तहत उन्हें फील्ड रिपोर्टर के रूप में चुना गया, जहां उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लगभग 50 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जमीनी रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने गांवों, कस्बों और शहरों में मतदाताओं से सीधे संवाद किया. महिलाओं, युवाओं, पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के वंचित वर्गों की राय को सामने लाने का काम किया. उन्होंने चौपालों, जनसंवाद कार्यक्रमों और सड़क किनारे होने वाली राजनीतिक बहसों का संचालन किया और चुनावी मुद्दों, स्थानीय समस्याओं और जनभावनाओं पर आधारित अनेक विशेष रिपोर्ट तैयार कीं. इस प्रोजेक्ट ने उन्हें पॉलिटिकल रिपोर्टिंग, ग्राउंड जर्नलिज्म, जनसंवाद, डेटा आधारित विश्लेषण और तेजी से बदलते चुनावी माहौल को समझने का एक्सपीरियंस दिया. राजस्थान पत्रिका में चुनावी पत्रकारिता का अनुभव प्रभात खबर से पहले अनिकेत राजस्थान पत्रिका के डिजिटल वीडियो विभाग से जुड़े रहे. यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई. उनकी जिम्मेदारियों में वीडियो स्क्रिप्टिंग, फील्ड कोऑर्डिनेशन, रिसर्च और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट तैयार करना शामिल था. चुनावी माहौल में काम करने के दौरान उन्होंने मतदाताओं के मुद्दों, राजनीतिक रुझानों और स्थानीय जनभावनाओं को समझते हुए वीडियो और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से उन्हें व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया. न्यूजट्रैक में डिजिटल न्यूज ऑपरेशन अनिकेत ने न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर और सब एडिटर के रूप में भी कार्य किया. यहां उन्होंने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीति, ट्रेंडिंग विषयों और नेशनल हैपनिंग पर तेज गति से काम किया. उनकी भूमिका में डिजिटल न्यूज लेखन, कंटेंट एडिटिंग, SEO ऑप्टिमाइजेशन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए समाचारों को तैयार करना शामिल था. अनिकेत की विशेषज्ञता कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है: -राजनीतिक रिपोर्टिंग और चुनाव कवरेज - हाइपरलोकल और जिला स्तरीय पत्रकारिता - SEO आधारित डिजिटल न्यूज लेखन - Google Discover कंटेंट स्ट्रैटेजी - एक्सप्लेनर आर्टिकल - सोशल मीडिया कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन - ग्राउंड रिपोर्टिंग - वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल स्टोरीटेलिंग - AI टूल्स और डिजिटल कंटेंट वर्कफ्लो - यूट्यूब ऑप्टिमाइजेशन शिक्षा और उपलब्धियां अनिकेत ने University of Allahabad से मीडिया स्टडीज में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है. पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अपने कौशल को मजबूत करने के लिए उन्होंने Instagram Marketing और WordPress SEO से जुड़े प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी हासिल किए हैं. डिजिटल पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रदर्शन के लिए उन्हें विभिन्न संस्थानों में "स्टार ऑफ द मंथ" और "टारगेट अचीवर" जैसे अवॉर्ड भी प्राप्त हुए हैं. आज अनिकेत कुमार का फोकस ऐसी पत्रकारिता पर है जो जमीनी हकीकत और डिजिटल तकनीक के बीच संतुलन बनाकर पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और प्रभावशाली जानकारी पहुंचाए. बिहार की राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर उनकी लगातार नजर रहती है, और वे डिजिटल युग की जरूरतों के हिसाब से हिंदी पत्रकारिता को नए आयाम देने की दिशा में सक्रिय हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >