Bihar Land Registry Fee Hike: बिहार में अब जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराना आम लोगों के लिए काफी महंगा सौदा साबित होने वाला है. राज्य सरकार ने 19 जून से रजिस्ट्री फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है. इस नए फैसले के लागू होने के बाद से लोगों को अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. अचानक हुए इस बदलाव से जमीन खरीदारों पर सीधा आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
शहरों में सीधे दोगुनी फीस, गांवों में भी 60% का भारी इजाफा
नियमों में हुए इस बड़े बदलाव के अनुसार, अर्बन एरिया में जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में सीधे दोगुना स्टांप शुल्क जमा करना पड़ रहा है. रूरल एरिया में रहने वाले लोगों को भी राहत नहीं मिली है, वहां इस शुल्क को करीब 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है. जिलों में इस नई गाइडलाइन को 19 जून से ही पूरी तरह प्रभावी कर दिया गया है.
पुराने चालान और ऑनलाइन आवेदन हुए निरस्त
इस अचानक हुए बदलाव की वजह से उन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिन्होंने नए नियम लागू होने से पहले ही ऑनलाइन आवेदन कर दिया था. कई लोगों ने पुराने रेट के हिसाब से स्टांप शुल्क भी बैंक में जमा कर दिया था. लेकिन नई गाइडलाइन आते ही जिला अवर निबंधन कार्यालय ने उन पुराने शुल्कों को निरस्त कर दिया.
इसके चलते दो दर्जन से अधिक लोगों को रजिस्ट्री पूरी कराने के लिए दोबारा काउंटर पर जाकर अतिरिक्त राशि जमा करनी पड़ी. इस अव्यवस्था से लोगों में काफी गुस्सा और असंतोष देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि अगर वे कुछ दिन पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर लेते, तो इस अतिरिक्त खर्च से बच जाते.
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क्या बोले अधिकारी?
इस पूरे मामले पर जहानाबाद के जिला अवर निबंधक ऋषि सिंह ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देश मिलते ही जिले में 19 जून से बढ़ी हुई निबंधन फीस को तुरंत लागू कर दिया गया है. उन्होंने साफ किया कि नए आदेश के तहत शहरी क्षेत्रों में फीस को सीधे दोगुना किया गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
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