Bihar Government: बिहार सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं को सेल्फ डिपेंडेंट बनाने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं. उनके लिए कई योजनाएं लाई जा रही हैं. इस बीच राज्य की महिलाओं को सहकारी बैंकों से जोड़ने के लिए दो योजनाओं की स्वीकृति दी गई है. बिहार सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की ओर से इसकी शुरुआत की गई है.
महिलाओं को मिल सकेगा बेहतर रिटर्न
मंत्री रामकृपाल यादव ने योजनाओं के बारे में बताया कि सस्ती दर पर महिलाओं को लोन दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें ब्याज पर छूट भी दी जाएगी. इससे महिलाओं को यह फायदा होगा कि वे बैंक में अपने रुपये सुरक्षित रख पायेंगी और बेहतर रिटर्न भी मिल सकेगा. इतना ही नहीं, मंत्री रामकृपाल यादव ने गोल्ड लोन और बैंक की बीमा योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए अभियान चलाने का आदेश दिया.
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने दिया आदेश
जानकारी के मुताबिक, मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड और राज्य के सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक की थी, जिसमें उन्होंने बैंकों में बढ़ते एनपीए पर चिंता जताई थी. साथ ही इसे कंट्रोल करने के लिए कार्य योजना तैयार करने का आदेश दिया था. इसके अलावा ऋण वसूली में जो कोई भी लापरवाही बरत रहे हैं, उन पर कार्रवाई करने का आदेश दिया था.
इन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश
मंत्री रामकृपाल यादव ने बैंक से ऋण लेकर फरार होने वाले लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनसे वसूली करने का आदेश भी दिया था. बैठक के दौरान खासकर महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त देयता समूहों को ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया था. इस तरह से बैठक के दौरान महिलाओं को लेकर खास बातचीत की गई.
10-10 हजार रुपये की दी गई थी सहायता राशि
इससे पहले भी महिलाओं को सेल्फ डिपेंडेंट बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की गई थी. पहले फेज में महिलाओं के खाते में खुद का रोजगार शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए. इसके बाद अब उन्हें 2 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी. इस तरह से कई योजनाएं महिलाओं के फायदे के लिए बिहार सरकार ला रही है.
