bhagalpur news. बूथ से प्रदेश स्तर तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी सुनिश्चित

भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को दीपनगर स्थित जिला कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस संगठन सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शुक्रवार को दीपनगर स्थित जिला कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस संगठन सृजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि ओडिशा के पूर्व विधायक सह संगठन सृजन कार्यक्रम के पर्यवेक्षक देवाशीष पटनायक ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक सभी पदों पर संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी. बूथ अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष तक का चयन करके नये सिरे से संगठन को मजबूत किया जायेगा. संगठन सृजन अभियान कांग्रेस पार्टी के बेहतर व सुनहरे भविष्य को गढ़ेगा. राष्ट्रीय व प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बिहार में संगठन को अधिक गतिशील, धारदार और प्रगतिशील बनाने के उद्देश्य से व्यापक संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत एआइसीसी और पीसीसी पर्यवेक्षकों की निगरानी में संगठन को नयी दिशा देने और मजबूत व जवाबदेह नेतृत्व तैयार करने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस देश में इकलौती पार्टी है, जो जात की नहीं, बल्कि जमात की राजनीति करती है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी मेहनत और लाख प्रयास के बाद भी लोग पार्टी की विचारधारा से भटक गये हैं. उन्होंने ईगो त्याग कर पार्टी हित के लिए लोगों को बूथ स्तर पर काम करने की अपील की. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ई परवेज जमाल ने की. उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी में संगठन को मजबूत बनाने में संजीवनी का काम करेगा. वहीं एआइसीसी के सदस्य सह बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस के संगठन सृजन के लिए सबसे पहले एकजुटता का होना बहुत जरूरी है. पूर्व विधायक अजीत शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश मोहन झा, अधिवक्ता आशुतोष राय, डॉ जनार्दन प्रसाद साह, अमित आनंद, मुजफ्फर अहमद, मो कलाम उद्दीन, प्रशांत बनर्जी, डॉ प्रदीप सिंह, राजेश रंजन उर्फ राजू, अनामिका शर्मा, गिरधर राय, महेश राय, गौरव जैन, प्रमोद, मिनाठी, सुमित, सोइन अंसारी, अभय आनंद, राहुल सिंह चौहान, अमित मिश्रा आदि उपस्थित थे.

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By NISHI RANJAN THAKUR

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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