– आशंका से एजेंसियों ने ढीला किया काम, दुर्गंध से बढ़ी लोगों की मुश्किलें
शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नगर निगम ने वर्तमान एजेंसियों से सफाई कार्य वापस लेने का फैसला कर लिया है और इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. इसके साथ ही इस फैसले का असर अभी से शहर की सफाई पर दिखने लगा है. एजेंसियों को यह संकेत मिल चुका है कि आगे उन्हें काम नहीं मिलने वाला है. इसी वजह से साइन इंटरप्राइजेज और सीडीएस फैसिलिटी नामक एजेंसियां अब सफाई कार्य को गंभीरता से नहीं ले रही है और सिर्फ खानापूर्ति कर रही है.
स्थायी समिति की बैठक में उठा मुद्दा
दो दिन पहले हुई स्थायी समिति की आपात बैठक में पार्षद डॉ. प्रीति शेखर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि नयी आउटसोर्सिंग एजेंसियों की बहाली की प्रक्रिया बेहद धीमी है. पिछले छह महीनों से केवल आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अब तक निविदा जारी नहीं की गयी है. पार्षद ने यह भी कहा कि मौजूदा एजेंसियों ने सफाई कार्य लगभग आधा कर दिया है, जिससे शहर की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. कचरे का उठाव और नियमित सफाई प्रभावित हो रही है. इस पूरे मामले पर नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही नयी निविदा जारी कर एजेंसियों की बहाली की जायेगी. इसके बाद सफाई व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जायेगी.
रोजाना सौ मीट्रिक टन कूड़ा रह रहा है सड़क पर
कूड़ा उठाव को लेकर स्थिति ऐसी हो गयी है कि हर दिन करीब 100 मीट्रिक टन कचरा उठने से रह जा रहा है. शहर में प्रतिदिन लगभग 300 मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है. जो कूड़ा एक दिन में नहीं उठ पाता है. अगले दिन उठाया जाता है, जिससे उस दिन का नया कूड़ा फिर से छूट जाता है.
शहर में कूड़े के बढ़ते अंबार और चरमराई सफाई व्यवस्था के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. सड़कों और वीआइपी इलाकों में जमा कचरे से उठने वाली बदबू, संक्रामक बीमारियों का खतरा और आवारा पशुओं द्वारा फैलाई जा रही गंदगी ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी है. नगर निगम और सफाईएजेंसियों की लापरवाही से आम लोग त्रस्त हैं. मुख्य सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगने से सड़कें संकरी हो गयी हैं, जिससे बड़ी पोस्ट ऑफिस से कचहरी चौक, कचहरी चौक से भीखनपुर, लोहा पट्टी मार्ग और शीतला स्थान से मिरजानहाट रोड तक राहगीरों और वाहनों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है और जाम की स्थिति बनी रहती है.
