– मायागंज स्थित सुधा डेयरी कार्यालय के मुख्य द्वार पर दैनिक वेतनभोगियों ने किया प्रदर्शन, कहा– नहीं होने देंगे अन्याय, बिना औचित्य का नहीं कर सकेंगे ओवरटाइम ड्यूटी
– सुबह छह से 11 बजे तक काम को किया बाधितवरीय संवाददाता, भागलपुर
मायागंज स्थित सुधा डेयरी कार्यालय के मुख्य द्वार पर बुधवार को दैनिक वेतनभोगियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने सुबह छह से 11 बजे तक काम बाधित करने का दावा किया. 30 दिनों तक काम और 26 दिन का भुगतान नहीं चलेगा, समय पर हो वेतन भुगतान, दैनिक वेतन में बढ़ोतरी सहित मांगों को लेकर नारे लगाये. एमडी शिवेंद्र सिंह के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और वापस काम पर लौट गये. एमडी ने कहा कि दैनिक वेतनभोगियों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे. 26 दिन का ही काम लिया जायेगा और बिना औचित्य का ओवरटाइम ड्यूटी नहीं कराया जायेगा.आठ घंटे का मिल रहा 340 रुपये, कम-से-कम मिले 450 रुपये
चंदन यादव, रोहित, अमित, विनित, सूरज, अजय मंडल, गोलू, किंग, सोनू, शंभु, सबधेश, बाल्मिकी यादव समेत 80 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि सभी दैनिक वेतनभोगियों को अभी आठ घंटे का 340 रुपये रोजाना मिलता है, जबकि देश में कहीं भी ऐसा नहीं होता है. कम से कम 450 रुपये तो मिलना ही चाहिए. सभी कर्मचारी आठ, 10 और 12 साल से काम कर रहे हैं. फिर भी अतिरिक्त सुविधा नहीं मिलती है. 30 दिन में एक दिन भी छुट्टी नहीं मिलती. उल्टे 26 दिन का ही भुगतान किया जाता है.नियम संगत होकर कराया जायेगा समस्याओं का समाधान
मैनेजिंग डायरेक्टर शिवेंद्र सिंह ने कहा कि सुधा डेयरी विक्रमशिला को-ऑपरेटिव के तहत काम करती है. को-ऑपरेटिव है, इसलिए किसी कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाती है. जबकि यहां अधिक से अधिक ह्यूमन पावर है. कभी ओवरटाइम की जरूरत नहीं हो सकती, फिर कैसे ओवरटाइम काम कराया गया. सभी की समस्याओं का समाधान नियम सम्मत कराया जायेगा. किसी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
