Bhagalpur news अधिग्रहित जमीन का मुआवजा को लेकर ग्रामीणों का विरोध

खरीक प्रखंड के लोकमानपुर में एप्रोच पथ निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया.

By Prabhat Khabar News Desk | February 28, 2025 1:52 AM

खरीक प्रखंड के लोकमानपुर में एप्रोच पथ निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध किया. सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंच ग्रामीणों को समझाया. पीड़ित किसानों का कहना है कि एप्रोच पथ में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिला है. मुआवजा राशि नहीं मिलने से हमलोग परेशान हैं. खरीक अंचल के सीओ ने बताया कि जिन जो दो किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, उनकी डिमांड ही गलत है. जिस जमीन की मुआवजे की मांग कर रहे हैं उस जमीन की जमाबंदी बिहार सरकार के नाम से दर्ज है. किसानों ने न्यायालय में स्वत्ववाद दाखिल किया है. इसके बावजूद बिहार सरकार की जमाबंदी की जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा सकता. किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, अप्रोच पथ निर्माण का विरोध करेंगे.

बदलो बिहार महाजुटान के लिए नवगछिया में प्रचार तेज

पटना के गांधी मैदान में दो मार्च को होने वाली बदलो बिहार महाजुटान रैली की सफलता को लेकर नवगछिया के विभिन्न गांवों, बाजारों और चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभा आयोजित की गयी. वैशाली चौक पर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य कॉ गौरीशंकर राय ने कहा कि बिहार की सरकार राज्य को पिछड़ेपन की ओर धकेल रही है. किसानों की समस्याओं, खाद-बीज की महंगाई और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार को घेरा. भाकपा माले वंचितों, किसानों, मजदूरों और युवाओं की लड़ाई मजबूती से लड़ रहा है. दो मार्च की रैली बदलाव की निर्णायक लड़ाई होगी. अभियान में भाकपा माले के कई नेता व कार्यकर्ता शामिल रहे और लोगों से पटना में जुटने की अपील की. सुलतानगंज बालू घाट रोड़ के अशोका गार्डन में भारत सरकार के राजभाषा विभाग के राष्ट्रीय सलाहकार वीरेंद्र कुमार यादव ने राजभाषा संगोष्ठी की. कार्यक्रम में अंगिका भाषा के क्रमिक विकास व अंगिका भाषा साहित्य पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि अंगिका के विकास व संघर्ष में साहित्यकार के साथ अंग जनपद के लोगों की महती सहभागिता है. विगत कुछ दिनों से अंगिका को जिस प्रकार विलुप्त करने का षड्यंत्र चल रहा है, वह हमारे लिए संवेदनशील मामला है. अजगैवीनाथ साहित्य मंच के अध्यक्ष भवानंद सिंह ने बताया कि अंग महा जनपद के अस्तित्व व उसके संवाद को अपहरण की कोशिश अंगिका का मैथिलीकरण करने से है. मनीष कुमार गूंज ने कहा अंगिका भाषा युगों-युगों से गंगा की कछार और पहाड़ियों की वादियों में गूंज रही है. जिसे मैथलीकरण नहीं होने देगे. वरिष्ठ साहित्यकार श्याम सुंदर आर्य ने अंग जनपद को मैथिली और अंगिका को मैथिली का उप भाषा बताने के षड़यंत्र से लोगों की भावनाओं का चीरहरण बताया. कवि गोष्ठी में कई कवियों ने अपनी रचना प्रस्तुत की. संगोष्ठी में अशोक कुमार यादव, दिलीप पासवान मौजूद थे.

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