bhagalpur news. समाज की जड़ से जुड़े रहने के लिए लोक संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत

समाज की जड़ से जुड़े रहने के लिए लोक कला व संस्कृति से जुड़ना चाहिए. कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से लगातार इस तरह के आयोजन सराहनीय पहल है

समाज की जड़ से जुड़े रहने के लिए लोक कला व संस्कृति से जुड़ना चाहिए. कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से लगातार इस तरह के आयोजन सराहनीय पहल है. उक्त बातें जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने बुधवार को कही. मौका था कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में संग्रहालय परिसर स्थित आधुनिक प्रेक्षागृह में दो दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव शुभारंभ का. जिलाधिकारी ने मकर संक्रांति महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया. उनके साथ उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, भागलपुर अंकित रंजन भी शामिल हुए. अतिथियों का स्वागत जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने किया और कहा कि अंग क्षेत्र की ग्रामीण संस्कृति पर आधारित दो दिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव के पहले दिन भागलपुर के ग्रामीण परिवेश के लोक कलाकारों को मंचीय प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया. सांस्कृतिक प्रस्तुति में अंगिका लोक गीत, लोक नृत्य एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुति हुई. महोत्सव के दूसरे दिन 15 जनवरी को भास रचित माध्यम व्यायोग नाटक का मंचन एवं भागलपुर के युवा एवं वरिष्ठ कवियों का कवि सम्मेलन किया जायेगा. डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने कविता पाठ करते हुए मकर संक्राति के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किये.

गोरे गोरे बहियां, हरे हरे चुडिया शोभें ओ रामा…

जिला प्रशासन से सेवानिवृत्त कर्मी शांति राज ने अपनो बिहार कै उन्नत बनाबै- उपजाबै खेतबा में धान, पढ़ि-लिखी बनाबै किसान… कृषि लोकगीत गाकर श्रोताओं को झूमा दिया. फिर अजय कुमार राय एवं समूह ने पारंपरिक शैली पर आधारित लोकगीत अंग प्रदेश की गौरव गाथा प्रस्तुत किया. इसमें गोरे गोरे बहियां हरे हरे चुडिया शोभें ओ रामा चैत महिला अंगिका गीत गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. दर्शक तालियां बजाकर कलाकार का साथ दे रहे थे इस समूह में शामिल कलाकार उत्तम कुमार, अजित कुमार, सदानंद कुमार, शंकरी बाबा, सूरज कुमार शामिल थे. राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में भागलपुर का परचम लहराने वाले युवा कलाकारों ने ‘गोदना’ अंगिका लोक गीत के प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. वहीं भागलपुर के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से आए कलाकारों ने भी संस्कार गीत, कटनी, रोपनी गीत गाकर अंगिका रस से सराबोर कर दिया. मंच संचालन कुमार गौरव ने किया. अंत में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने सभी कलाकारों से बारी-बारी अंगिका में परिचय प्राप्त किया. बताया कि कलाकारों को बिहार कलाकार पंजीयन पोर्टल पर आवश्यक रूप से अपना पंजीयन करा लेना चाहिए, क्योंकि कलाकारों को मंचीय प्रस्तुति के लिए तभी मौका मिलेगा, जब वे पंजीयन संख्या प्राप्त कर लेंगे.

बॉक्स मैटर

बिजली ने दिखा धोखा, तो आधुनिक प्रेक्षागृह के जेनसेट व्यवस्था की खुली पोल

आधुनिक प्रेक्षागृह के जीर्णोद्धार में अब तक लगभग दो करोड़ रुपये खर्च हो गये, लेकिन यहां जेनसेट को दुरुस्त नहीं कराया जा सका. यह तब प्रकाश में आया, जब मकर संक्रांति महोत्सव शुभारंभ के क्रम में सरकारी बिजली ने धोखा दे दिया. इसी बीच कलाकार अंधेरे में बिना म्यूजिक सिस्टम के गाते व बजाते रहे. इधर, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन व अन्य संबंधित कर्मचारी व पदाधिकारी जेनसेट देखने पहुंचे, तो वहां मालूम हुआ कि जेनसेट की बैटरी ही खराब है. उल्टे पांव लौटना पड़ा. हालांकि, फिर बिजली आ गयी. 30 मिनट तक बिजली कटी रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ATUL KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >