विक्रमशिला एक्सप्रेस को पांच घंटे पहले किया गया रद्द

भागलपुर में विक्रमशिला एक्सप्रेस रद्द करने की सूचना पांच घंटे पहले मिली.

-दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ का असर-वरीय संवाददाता, भागलपुर

नई दिल्ली स्टेशन पर भगदड़ व मौत का असर भागलपुर रेलवे स्टेशन पर दिखायी दिया. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर मालदा डिवीजन के द्वारा रविवार को दिन के 12 बजे खुलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस को रद्द कर दिया गया. इसकी सूचना यहां सुबह 6:58 बजे मिली. सूचना मिलते ही माइकिंग शुरू हो गयी, जो लगातार जारी रही. जिन यात्रियों तक ट्रेन रद्द होने की सूचना पहुंची, वे स्टेशन नहीं पहुंचे. इसके बाद भी बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पहुंच गये थे. जनरल कोच में बैठने के लिए लंबी लाइन लगने वाले यात्रियों को मायूसी हाथ लगी. भागलपुर व उसके आसपास व गोड्डा से कई यात्री पहुंचे थे. साढ़े से तीन सौ यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराया. गोड्डा-लोकमान्य तिलक ट्रेन के यात्री भी भागलपुर जंक्शन पहुंचे थे जिनकी ट्रेन जसीडीह में छूट गयी थी. वह विक्रमशिला से सफर के इरादे से पहुंचे थे. ऐसे यात्रियों को भी मायूसी का सामना करना पड़ा. कटोरिया के रहने वाले दिवाकर दास अपने परिवार के साथ दिल्ली जा रहे थे. उन्होंने कहा कि अब वापस लौटना होगा.

– दूसरे स्टेशन के कई जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी भागलपुर स्टेशन पर

भागलपुर स्टेशन से प्रयागराज होते हुए जाने वाली ट्रेनों में भीड़ पर काबू करने के लिए और उन्हें ट्रेन के बोगी में सुरक्षित बैठाने के लिए आरपीएफ पोस्ट भागलपुर की मदद के लिए दूसरे स्टेशनों से आरपीएफ जवानों की प्रतिनियुक्ति की गयी है.

– गोड्डा-लोकमान्य तिलक व तिनसुकिया मेल में घेराबंदी कर यात्रियों को चढ़ाया

भागलपुर स्टेशन से होकर गुजरने वाली गोड्डा-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस व तिनसुकिया मेल में भी रविवार को काफी भीड़ दिखी. स्टेशन पर आरपीएफ की टीम दोनों ट्रेनों की एसी व स्लीपर बोगी की घेराबंदी यात्रियों को सुरक्षित चढ़ाया.

-डीआरएम का निर्देश, 10.30 बजे विक्रमशिला को प्लेटफॉर्म पर खड़ी करें

विक्रमशिला एक्सप्रेस हो रही भीड़ को देखते हुए मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने निर्देश जारी किया है. पिछले कुछ दिनों में भीड़ की वजह से कई लोगों के ट्रेन छूटने का मामला सामने आ चुका है. डीआरएम ने जारी आदेश में कहा है कि महाशिवरात्रि तक विक्रमशिला एक्सप्रेस के रैक को सुबह 10:30 बजे एक नंबर प्लेटफॉर्म पर खड़ी कर दी जाये. ताकि यात्री प्लेटफॉर्म पर न घूमकर बोगी में रहे. बगैर रिजर्वेशन वाले यात्रियों को बोगी में चढ़ने नहीं दिया जाये.डीआरएम ने यह भी कहा है कि विक्रमशिला सहित भागलपुर स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेन जो प्रयागराज होकर जाती है वैसे ट्रेन की भीड़ को देखते हुए पूछताछ केंद्र अलर्ट मोड में रहे. उन्होंने निर्देश दिया कि यात्रियों को माइकिंग कर यह बताएं कि विक्रमशिला एक्सप्रेस में भीड़ नहीं लगायें. दूसरी भी ट्रेन भी प्रयागराज जाने वाली है. यह घोषणा लगातार हो कि कौन-कौन सी ट्रेन कितने-कितने बजे प्रयागराज के लिए रवाना होगी. वहीं आरपीएफ बल भी बढ़ाने के लिए कहा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >