bhagalpur news. सनातन संस्कृति की रक्षा को लेकर समर्पित थे वीर शिवाजी

सनातन संस्कृति की रक्षा को लेकर समर्पित थे वीर शिवाजी

वरीय संवाददाता, भागलपुर कर्ण सेना की ओर से रविवार को मुंदीचक गढ़ैया दुर्गा स्थान के सामने छत्रपति शिवाजी की जयंती पर समारोह हुआ. उद्घाटन मेयर डॉ बसुंधरालाल, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कांत मिश्रा, पूर्व कुलपति डॉ एनके वर्मा, ला परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ शंभू दयाल खेतान, नभय कुमार चौधरी, डॉ बिहारी लाल, डॉ जनार्दन साह, डॉ प्रीति शेखर ने संयुक्त रूप से किया. मेयर ने कहा कि वीर शिवाजी सनातन संस्कृति को लेकर जीवन पर्यंत समर्पित रहे. साथ ही सभी धर्मों व संस्कृति को सम्मान दिया. खासकर महिलाओं को सशक्त करने के लिए भूमिका निभायी. शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म कभी मिटने वाला नहीं है. इसे जो मिटाने की कोशिश करेगा, वो खुद मिट जायेगा. डॉ नीलम्बुज किशोर वर्मा ने कहा कि हिंदू जागरण का कार्यक्रम लगातार चलना चाहिए. डॉ शंभू दयाल खेतान ने कहा कि मुगलों और अंग्रेज के अत्याचार से हिंदुस्तान कराहता रहा. अब हमारे पास एक मज़बूत संविधान है. नभय चौधरी और डॉ जनार्दन साह कहा कि पृथ्वी पर शिवाजी महाराज जैसे योद्धा कभी कभी जनम लेते हैं. डॉ बिहारीलाल ने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि है, शिवाजी महाराज ने औरंगजेब की एक नहीं चलने दी. पूर्व डिप्टी मेयर डॉ प्रीति शेखर ने कहा आज के इस कार्यक्रम से हिदुओं में क्रांति का संचार होगा. प्रो राजीव कुमार ने विस्तार पूर्वक शिवा जी की जीवनी पर प्रकाश डाला. भागलपुर जिला समाचार पत्र विक्रेता संघ के अध्यक्ष हरविंद नारायण भारती ने शिवाजी की युद्ध कला और वित्त नीति की जानकारी दी. कर्ण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकिशोर पंडित ने कार्यक्रम का संचालन किया और अतिथियों के स्वागत में उद्बोधन दिया. प्रदेश अध्यक्ष डॉ आरपी भगत ने कहा आज भी शिवाजी महाराज की युद्ध नीति पर विदेशों में रिसर्च हो रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता कमल जायसवाल, ब्रजेश साह , श्वेता सिंह, अंशु प्रियंका, डॉ रूबी मिश्रा, अंजना प्रकाश, निरंजन कुमार सिंह, रामनारायण सिंह, रंजीत कुमार घोष, रवि कुमार मिश्रा, छोटेलाल साह, संजीत कुमार सिंह, डॉ मल्लिका, विमल कुमार,नरेंद्र चंचल, सच्चिदानंद किरण उपस्थित थे. कार्यक्रम में मंजूषा गुरु डॉ मनोज पंडित के नेतृत्व में भारत सरकार से सम्मानित कलाकारों ने नृत्य प्रदर्शन किया. संजय मिश्रा, रूपा रानी साहा, गुड़िया शोभा रानी, शिवांगी श्रीवास्तव, अधिवक्ता अनिल साह, डॉ गोपाल कृष्ण, सुमन मिश्रा, राजेश शर्मा, गीता शर्मा, मौज कुमार यादव, अजय कुमार साह, डॉ संजय कुमार ठाकुर, संजीव कुमार सिंह, अरुण प्रसाद साह, सुजीत कुमार ठाकुर, संगीता शर्मा, शिवानी मिश्रा, राजेश कुमार पंडित, संगीता घोष, अजय कुमार मंडल, कैलाश नाथ वाजपेयी, विवेकानंद मंडल, संजीव कुमार झा, उमाकांत मिश्रा, अरविंद कुमार सिंह, अजय साह, वीरकेश्वर दास, विंदेश्वरी दास, अरविंद प्रसाद साह, सरदार हर्षप्रीत सिंह, सुमन कुमार मिश्रा, अनुपलाल साह, आभा साह, रघुनंदन चौरसिया संजय कुमार, चंदन कुमार साह, मनीष आनंद, गौरी साह, कुणाल साह, शंभू कुमार चौधरी का योगदान रहा. पार्षद बबीता देवी, वार्ड पार्षद अमित कुमार ट्विंकल ने अतिथियों को सम्मानित किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुमन सोनी ने किया.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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