bhagalpur news. शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए लोगों को देना होगा यूजर चार्ज

शहरी क्षेत्र के भागलपुर नगर निगम के 51 में से 46 वार्डों को ठोस कचरा प्रसंस्करण की सुविधा मिल रही है.

शहरी क्षेत्र के भागलपुर नगर निगम के 51 में से 46 वार्डों को ठोस कचरा प्रसंस्करण की सुविधा मिल रही है. जिलाधिकारी ने शेष वार्डों को शीघ्र शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य दिया है. बुडको, भागलपुर ने रिपोर्ट दी है कि कुल 85,000 शहरी घरों में 78,400 घरों को पेयजल की सुविधा से जोड़ा जा चुका है. बचे हुए 6,600 शहरी घरों को पेयजल से जोड़ा जाना है. शहरी क्षेत्र में लंबित कार्यों को पूरा करने और यूजर चार्ज का संग्रहण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. यह जिम्मेदारी बुडको के कार्यपालक अभियंता और नगर परिषद व नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपी गयी है. वहीं पीएचइडी पूर्वी और पश्चिमी प्रमंडलों में क्रमशः 19,272 और 20,161 घर अभी भी पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि यथाशीघ्र निविदा प्रक्रिया पूरी कर इन घरों को नल-जल योजना से जोड़ा जाये. 18 मार्च को हुई बैठक से संबंधित निर्देश जारी कर दिये गये हैं. सिंचाई की 100 योजनाओं का टारगेट, सिर्फ 35 ही हो सकी पूरी लघु सिंचाई प्रमंडल, भागलपुर की समीक्षा के दौरान पाया गया है कि 100 योजनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध कार्य प्रारंभ होने के बावजूद केवल 35 योजनाएं ही पूर्ण हो सकी हैं. 100 योजनाएं पूरी हो गयी होती, तो 9,245 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल गयी होती. जिला की मासिक रैंकिंग में 38वें स्थान पर होने को जिलाधिकारी ने ””अत्यंत खेदजनक”” बताया है. हालांकि, सहायक अभियंता ने भरोसा दिलाया है कि मई के अंत तक सभी लंबित कार्यों को पूरा कर लिया जायेगा. युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण पर जोर कुशल युवा कार्यक्रम में यह बात सामने आयी है कि 1,04,296 आवेदकों में से 42,579 आवेदकों का प्रशिक्षण अभी भी लंबित है. जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए कौशल प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे आवेदकों को कॉल कर नामांकन के लिए प्रेरित करें और पंचायत सचिवों के साथ बैठक सुनिश्चित करें. वहीं, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया है. स्वच्छता और जल जीवन हरियाली की प्रगति ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट) को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किये गये हैं. ग्रामीण क्षेत्र के 3,019 वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव हो रहा है, लेकिन दो ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का निर्माण अभी भी लंबित है. सोलर स्ट्रीट लाइट में जिले के 3,019 वार्डों में कार्य शुरू कराया गया और 2,195 वार्डों में पूर्ण हो चुका है.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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