Bhagalpur News: बीएन कॉलेज में दो दिवसीय नेशनल सेमीनार सात मार्च से

भागलपुर नेशनल कॉलेज में सात और आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन विज्ञान संकाय द्वारा किया जाएगा.

– कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, इजराइल आदि देशों के विद्वान होंगे शामिल

संवाददाता, भागलपुर

भागलपुर नेशनल कॉलेज में सात और आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन विज्ञान संकाय द्वारा किया जाएगा. सेमिनार का विषय इकोसिस्टम रेस्टोरेशन – चैलेंजेस एंड अपॉर्च्युनिटीज इन इंडियन पर्सपेक्टिव रहेगा. जानकारी दी गयी है कि सेमिनार का उद्देश्य भारतीय संदर्भ में पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श करना है. आयोजन में भारत समेत कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड, इजराइल आदि देशों के वक्ता एवं प्रतिभागी हाइब्रिड मोड में जुड़ेंगे. आयोजन समिति में रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बलिराम प्रसाद सिंह, संयोजक के रूप में एवं डॉ. अम्बिका कुमार, डॉ. अमित किशोर सिंह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. कुंदन कुमार तथा डॉ. गोलक कुमार मंडल आयोजन सचिव के रूप में कार्य करेंगे. प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि यह अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन के महत्व को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. प्रतिभागियों के रजिस्ट्रेशन एवं आवश्यक जानकारी के लिए बीएन कॉलेज भागलपुर के ऑफिशियल वेबसाइट https://bncollegebgp.ac.in/ को विजिट किया जा सकता है.

शिक्षक के वापसी की मांग को लेकर कुलपति को दिया आवेदन

भागलपुर. टीएमबीयू के इतिहास विभाग के शिक्षक कृष्ण कुमार मंडल के विभाग में वापसी की मांग को लेकर छात्राें, शोधार्थियों और छात्र नेताओं ने कुलपति को आवेदन दिया है. पूर्व विवि प्रतिनिधि और युवा राजद के प्रधान महासचिव कृष्ण बिहारी गर्ग, शाेधार्थी माे परवेज कुरैशी, प्रिया कुमारी, आदि ने आवेदन में कहा है कि शिक्षक को एक मामले में विवि की जांच कमेटी की अनुशंसा पर 15 फरवरी 2023 काे पीजी विभाग से तबादला कर जेपी काॅलेज नारायणपुर भेज दिया गया था. शिक्षक का दाेष यह था कि उन्हाेंने विभाग में वर्ग संचालन व कुव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई थी. कृष्ण कुमार मंडल ने तबादले पर राजभवन का दरवाजा खटखटाया. राजभवन से विवि काे तीन पत्र प्राप्त हुए लेकिन विवि स्तर पर दिया गया जवाब अब तक नहीं मिला है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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