विक्रमशिला सेतु, सबौर रोड व बाइपास पर दिन भर लगा रहा जाम

विक्रमशिला सेतु, बाइपास व सबौर रोड में वाहनों के जाम का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा. नवगछिया जीरोमाइल से भागलपुर आने में वाहनों को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया.

विक्रमशिला सेतु, बाइपास व सबौर रोड में वाहनों के जाम का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा. नवगछिया जीरोमाइल से भागलपुर आने में वाहनों को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया. यही स्थिति सबौर रोड व बाइपास की रही. सड़क के एक लेन में सैकड़ों ट्रकों की लंबी कतार लगी रही. वहीं सड़क के दूसरे लेन पर दोनों ओर से बाइक, कार, ई रिक्शा व ऑटो समेत अन्य छोटे वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे. विक्रमशिला सेतु पर बाइक सवार को पैदल पथ होकर गुजरते देखा गया. बिहपुर में मांगन शाह के मजार पर चल रहे उर्स के कारण भागलपुर व जाह्नवी चौक के बीच हजारों श्रद्धालुओं को लेकर ई रिक्शा व ऑटो भी जाम में फंसे रहे. सबसे अधिक परेशानी भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों, कार्यालय के काम से जिला मुख्यालय आ रहे आमलोगों और मैट्रिक परीक्षार्थियों को हुई. कई परीक्षार्थियों को पैदल अपने परीक्षा केंद्रों की ओर भागते देखा गया. जाम का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा. जाम हटा रहे पुलिसकर्मियों ने बताया कि कतार से अगर वाहन चले तो जाम नहीं लगेगा. लेकिन ओवरटेक के चक्कर में जगह-जगह ट्रैफिक थम जाता है.

जाम के बीच जब वाहन भागलपुर के जीरोमाइल चौक पर पहुंच रही थी. तब यहां पर बार-बार ट्रैफिक सिग्नल पर रेड लाइट ऑन होते ही जाम और गहरा हो रहा था. नवगछिया की ओर से आ रहे वाहन एप्रोच पर आकर अटक रहे थे. यह स्थिति ट्रैफिक सिग्नल के चारों तरफ निकल रहे रास्ते का था.

भूखे-प्यासे जाम में फंसे रहे स्कूली बच्चे : दोपहर एक बजे स्कूलों में छुट्टी के बाद सबौर व नवगछिया की ओर जा रहे स्कूली बसों में बैठे बच्चों का जाम में बुरा हाल हो गया. भूख प्यास से इनकी तबीयत बिगड़ने लगी. कई अभिभावक जाम में फंसे बच्चों को बस से उतारकर अपनी बाइक से घर लेते गये.

सबौर :एनएच 80 पर चल रहे निमार्ण कार्य से रुक रुक कर लगता रहा जाम

एनएच 80 पर चल रहे निमार्ण कार्य के कारण रुक-रुक कर सोमवार को जाम लगता रहा. साथ ही बीएयू के मुख्य द्वार से ब्लॉक चौक के बीच पानी का छिड़काव टैंकर से किया गया. क्षेत्र में जाम की स्थिति के साथ धूल होने से पथ पर यात्रा करना मुश्किल हो गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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