भागलपुर स्थित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के अंगीभूत टीएनबी लॉ कॉलेज परिसर में बुधवार को दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन अनशन कार्यक्रम जारी रहा. भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और भारतीय युवा कांग्रेस के संयुक्त बैनर तले कार्यकर्ता 3 वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम में सीटें बढ़ाकर 324 करने और बंद पड़े 5 वर्षीय लॉ कोर्स को पुनः शुरू करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं. छात्र नेताओं का साफ कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, अनशन समाप्त नहीं होगा.
सीटों की कमी से छात्रों का भविष्य हो रहा बर्बाद
अनशन पर बैठे युवा कांग्रेस नेता विकास कुमार और एनएसयूआई नेता अमन मिनाटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए अपनी बात रखी:
छात्र नेताओं का कहना: "टीएनबी लॉ कॉलेज पूर्वी बिहार का इकलौता प्रमुख लॉ कॉलेज है. इसके बावजूद यहाँ सीटों में भारी कटौती की गई है और 5 वर्षीय लॉ कोर्स बंद पड़ा है. इस उदासीनता के कारण हर साल हजारों मेधावी छात्रों का भविष्य अधर में लटक रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित में तुरंत ठोस फैसला लेना होगा."
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भागलपुर जिला युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत बनर्जी ने चेतावनी देते हुए कहा कि 324 सीटें करना और 5 वर्षीय लॉ कोर्स शुरू करना सिर्फ एक शैक्षणिक मांग नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और शिक्षा के अधिकार से जुड़ा सवाल है.
यदि विवि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो चरणबद्ध तरीके से पूरे विश्वविद्यालय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा. वहीं नीरज कुमार, सुमित, जीतू यादव और आनंद आजाद ने भी अनशन स्थल पहुंचकर छात्रों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया.
विवि स्तर पर होना है निर्णय: प्रभारी प्राचार्य
मामले को लेकर टीएनबी लॉ कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिन्हा ने कॉलेज प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया:
- कॉलेज के पास अधिकार नहीं: प्राचार्य ने बताया कि सीटों में बढ़ोतरी या नए पाठ्यक्रम की शुरुआत का निर्णय विश्वविद्यालय (TMBU) स्तर से होना है, कॉलेज प्रशासन के पास इसका अधिकार नहीं है.
- विवि को भेजी गई रिपोर्ट: छात्र नेताओं की सभी मांगों से विवि प्रशासन को अवगत करा दिया गया है.
- सुरक्षा व्यवस्था: कैंपस में शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए विवि के प्रॉक्टर, डीएसडब्ल्यू (DSW) और रजिस्ट्रार को लिखित सूचना दे दी गई है.
