भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत तिनटंगा करारी-नवगछिया पीडब्ल्यूडी (PWD) सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. मुख्य मार्ग पर एक दर्जन से अधिक बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे बन जाने के कारण आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है. सड़क की जर्जर हालत के चलते रोजाना टोटो, बाइक और साइकिल सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों (हाइवा) के कारण बदहाल हुई इस सड़क पर बरसात के पानी ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया है.
हाइवा के बेलगाम परिचालन से टूटी सड़क
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की इस दुर्दशा के पीछे कटाव निरोधी कार्यों और विक्रमशिला सेतु मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों की मुख्य भूमिका है:
- ओवरलोडेड हाइवा की मार: गंगा नदी क्षेत्र में जारी कटाव निरोधी कार्यों और विक्रमशिला सेतु संपर्क मार्ग से आवाजाही करने वाले ओवरलोडेड हाइवा के बेलगाम परिचालन के कारण पूरी PWD सड़क जगह-जगह से धंस और टूट चुकी है.
- जलभराव से छिपा खतरा: बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने के कारण वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे अचानक गाड़ियां अनियंत्रित होकर पलट जाती हैं.
इन प्रमुख जगहों पर स्थिति बेहद गंभीर
तिनटंगा करारी, गोपालपुर पेट्रोल पंप के समीप, लत्तीपाकर तथा चपरघाट मोड़ जैसे प्रमुख स्थलों पर सड़क पूरी तरह से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है. इन जगहों से गुजरते वक्त चालकों को गाड़ी अत्यंत धीमी करनी पड़ती है, फिर भी हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है.
ग्रामीणों की आपबीती व आक्रोश: तिनटंगा करारी निवासी मुकेश कुमार, उदय, नवीन एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली से आए दिन टोटो पलट रहे हैं और यात्री घायल हो रहे हैं. इसके बावजूद पथ निर्माण विभाग (PWD) द्वारा गड्ढों की भराई या मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन और बड़े हादसे की चेतावनी
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सड़क की तत्काल मरम्मति कराई जाए. ग्रामीणों ने सचेत किया है कि यदि समय रहते गड्ढों को नहीं भरा गया तो कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता है.
