सदर अस्पताल में दो माह से नहीं बदला डॉक्टरों का रोस्टर, मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल, भागलपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है.

भागलपुर से अतुल तिवारी की रिपोर्ट :

लोकनायक जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल, भागलपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. अस्पताल के ओपीडी में पिछले दो माह और चार दिनों से डॉक्टरों का रोस्टर नहीं बदला गया है, जिसके कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

मरीजों के लिए पहेली बना इलाज

रोस्टर अपडेट न होने के कारण मरीजों को यह पता नहीं चल पाता कि किस दिन कौन सा डॉक्टर ओपीडी में उपलब्ध रहेगा. आलम यह है कि मरीज घंटों लाइन में लगकर पर्ची कटवाते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि जिस डॉक्टर से वे इलाज कराना चाहते हैं, वह उपलब्ध ही नहीं हैं. दूर-दराज से आने वाले कई मरीजों को तो बिना इलाज कराये ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है.

फॉलो-अप मरीजों की बढ़ी परेशानी

सबसे अधिक समस्या उन मरीजों को हो रही है जो दोबारा इलाज (फॉलो-अप) कराने आते हैं. एक मरीज ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से अपना इलाज कराया था. रोस्टर में उन्हीं डॉक्टर का नाम देखकर वे दोबारा अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे. मरीज का कहना है कि अब किसी दूसरे डॉक्टर को दिखाने पर इलाज को फिर से नए सिरे से शुरू करना पड़ेगा, जो उनके लिए बड़ी चुनौती है.

अस्पताल प्रशासन का क्या है तर्क?

अस्पताल के सीएस डॉ अशोक प्रसाद का कहना है कि प्रति माह रोस्टर की रिपोर्ट ली जाती है. वहीं, विभागीय सूत्रों का कहना है कि पर्ची काटने वाले कर्मचारियों को चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी रहती है और जिस विभाग के डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते, वहां की पर्ची नहीं काटी जाती है. लेकिन धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है, जहां मरीजों को सही जानकारी के अभाव में घंटों इंतजार करना पड़ता है.

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