भागलपुर से ललित किशोर मिश्रा की रिपोर्ट :
भीषण गर्मी और उमस ने बिहार के कई जिलों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बांका, लखीसराय, मुंगेर और जमुई जैसे जिलों में अगले दो दिनों तक तापमान 38 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. वहीं पूर्णिया और किशनगंज में हल्की बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है.नदी किनारे बसे जिलों में उमस भरी गर्मी का कहर
गंगा और अन्य बड़ी नदियों के किनारे बसे जिलों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को उमस से राहत नहीं मिल रही है. घरों के अंदर भी लोग बेचैनी महसूस कर रहे हैं.मौसम विभाग के मुताबिक बांका, लखीसराय, मुंगेर और जमुई में दोपहर के समय गर्म हवा और ऊमस लोगों को ज्यादा परेशान करेगी. तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई गई है.पूर्णिया-किशनगंज में बारिश और वज्रपात का अलर्ट
दूसरी ओर सीमांचल के जिलों में मौसम का मिजाज कुछ अलग बना हुआ है. पूर्णिया और किशनगंज में अगले 24 घंटे के दौरान हल्की बारिश हो सकती है.मौसम विभाग ने इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर भी अलर्ट जारी किया है. लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने की सलाह दी गई है.
गर्मी से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह
स्थानीय चिकित्सकों ने गर्मी और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए देसी पेय पदार्थों के सेवन की सलाह दी है. डॉक्टरों के अनुसार नींबू पानी शरीर को ठंडक देने के साथ विटामिन C की कमी भी पूरी करता है.इसके अलावा संतरा, मौसमी और अनानास का ताजा जूस बच्चों और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद बताया गया है. गिलोय, तुलसी और सूखे आंवले से बनी हर्बल चाय भी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है.नारियल पानी को बताया सबसे बेहतर विकल्प
चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में नारियल पानी शरीर के लिए अमृत के समान है. यह शरीर में पानी, विटामिन और जरूरी खनिजों की कमी को तेजी से पूरा करता है. विशेषज्ञों ने लोगों से दोपहर में घर से कम निकलने, हल्के कपड़े पहनने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है.
