भागलपुर से ब्रजेश की रिपोर्ट
भागलपुर. नवगछिया इलाके के साथ ही भागलपुर शहरी क्षेत्र की सड़कों पर भी गाड़ियां सरपट दौड़ेंगी. अब वन वे या ओवरटेक करने की परेशानी से वाहन चालक बच जायेंगे. जिले में अब भी ऐसी कई सड़कें हैं, जो सिंगल हैं, लेकिन उस पर वाहनों का दबाव है. इसके कारण ट्रैफिक अस्त-व्यस्त रहता है. इसका असर बाजार पर भी पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सड़क को चौड़ी करने के साथ ही उसके निर्माण व रखरखाव में कोताही नहीं बरती जायेगी. जो एजेंसी या ठेकेदार ऐसा करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी.इसके लिये पथ निर्माण मंत्री ई शैलेंद्र ने अहम बैठक की है और वे खुद इसकी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं. भागलपुर जिले के सोनबरसा दुमुंही चौक से एनएच 31 तक ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क को पथ निर्माण विभाग में अधिग्रहण कर चौड़ीकरण का निर्देश दिया. इसी प्रकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक, खरीक से भवनपुरा तक पथ निर्माण विभाग की सिंगल लेन सड़क का भी चौड़ीकरण कराये जाने का निर्देश दिया. दोनों सड़कों को न्यूनतम दो लेन या अधिक चौड़ाई में चौड़ीकरण किया जायेगा. इन सड़कों के चौड़ीकरण से भागलपुर जिला में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी. मंत्री अपने कार्यालय में योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे.
इसयके साथ ही अररिया, पूर्णिया, कटिहार व किशनगंज जिले में चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान पथ निर्माण मंत्री ने सड़क व पुल परियोजनाओं का टेंडर निकालने से पहले प्री-कन्स्ट्रक्शन एक्टीविटी पूरा करने का अधिकारियों को निर्देश दिया. उन्होंने कहा है कि इसके तहत भूमि अधिग्रहण, फॉरेस्ट क्लियरेंस, यूटिलिटी शिफ्टिंग, इंवायरमेंटल क्लियरेंस आदि पूरा कर लिया जाये. इससे योजना तय समय पर पूरी हो सकेगी. साथ ही सरकार को समय और राशि दोनों की बचत होगी. समीक्षा के क्रम में मंत्री ई शैलेंद्र ने देरी से चल रही योजनाओं के लिए संवेदक को नोटिस देकर समय पर काम पूरा कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि समय से काम पूरा नहीं करने वाले संवेदक को डिबार करने की कार्रवाई की जायेगी. मंत्री ने विभागीय पदाधिकारियों से कहा कि नयी योजनाओं की स्वीकृति के लिए योजना की फंडिंग के लिए उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करें.ई शैलेंद्र ने कहा कि कई योजनाओं में ऐसा देखा जा रहा है कि किसी अन्य विभाग यथा, ग्रामीण कार्य विभाग एवं जल संसाधन विभाग से समय पर अनापत्ति प्राप्त नहीं होने या सड़कों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण काम में देरी हो रही है. इसके निदान के लिए उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग और जल संसाधन विभाग के मंत्री को उनके स्तर से एक अनुरोध पत्र भेजे जाने का निर्देश दिया. साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी इस संबंध में वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए एक पत्र भेजे जाने का निर्देश दिया.
