bhagalpur news. तकनीक का केंद्र सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से होगा गुलजार

ट्रिपल आइटी में सांस्कृतिक कार्यक्रम.

ट्रिपल आईटी का वार्षिक तकनीकी-सांस्कृतिक महोत्सव एनयुग्मा-2026 शुरू ट्रिपल आईटी भागलपुर में मंगलवार को अपने प्रमुख वार्षिक तकनीकी-सांस्कृतिक महोत्सव एनयुग्मा-2026 का उद्घाटन किया गया. यह तीन दिवसीय महोत्सव 22 फरवरी तक चलेगा, जिसमें तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम देखने को मिलेगा. उद्घाटन समारोह दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ, जिसके बाद छात्रों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि ट्रिपल आईटी भागलपुर केवल अकादमिक उत्कृष्टता का केंद्र नहीं है, बल्कि नवाचार, सृजनात्मकता और संस्कृति के संगम का मंच भी है. उन्होंने कहा कि तकनीकी-सांस्कृतिक महोत्सव छात्रों को तकनीकी क्षमता, कलात्मक प्रतिभा, नेतृत्व और टीम भावना प्रदर्शित करने का अवसर देता है. विशिष्ट अतिथि के रूप में गोपाल अग्रवाल, अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर, भागलपुर ने कहा कि देश का भविष्य ऐसे युवा इंजीनियरों और तकनीशियनों पर निर्भर करता है, जो वास्तविक समस्याओं के समाधान निकालेंगे. सांस्कृतिक गतिविधियां छात्रों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता को भी बढ़ाती हैं. डॉ. मधुसूदन सिंह, निदेशक, ट्रिपल आईटी भागलपुर ने महोत्सव की महत्ता बताते हुए कहा कि यह छात्रों को अपनी तकनीकी और सांस्कृतिक प्रतिभा दिखाने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है और उनके समग्र व्यक्तित्व विकास में सहायक है. डॉ. धीरज सिन्हा, एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण ने बताया कि प्रतियोगिताओं में बॉट बैटलग्राउंड्स, इनोव-ए-आई-थॉन, कोडस्टॉर्म, रोबो रिले, मेक-ए-डिजाइन और बिट बाय बिट शामिल हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्टैंड-अप कॉमेडी, कविता, नृत्य, संगीत, स्ट्रीट प्ले और फोटोग्राफी की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. 21 फरवरी को बैंड नाइट और डीजे मर्लिन का लाइव परफॉर्मेंस और 22 फरवरी को स्टार नाइट में अनन्या चक्रवर्ती और अभिनंदन सरकार का संगीत कार्यक्रम और डीजे मास्क का प्रदर्शन महोत्सव की मुख्य आकर्षण होंगी. डॉ. गौरव कुमार, रजिस्ट्रार ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में सृजनात्मकता, टीमवर्क और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उद्घाटन समारोह का धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. चेतन बर्दे, समन्वयक एनयुग्मा ने प्रस्तुत किया.

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By KALI KINKER MISHRA

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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