जिले के नगर निकायों के लिए राजस्व वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. जिलाधिकारी ने एक आदेश जारी कर नगर निकाय क्षेत्रों में स्थित विभिन्न सरकारी विभागों के जल सैरात (तालाब, पोखर) और सार्वजनिक हाट-बाजारों को संबंधित नगर निकायों को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है. जिला प्रशासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 100 के प्रावधानों के अनुसार नगर निकाय के गठन के साथ ही उसके क्षेत्र में आने वाले जल सैरात और सार्वजनिक हाट-बाजार स्वतः ही निकाय का हिस्सा बन जाते हैं. इसी कड़ी में कहलगांव और अकबरनगर के कार्यपालक पदाधिकारियों ने अपने क्षेत्रों के हाट सैरातों को नगर पंचायत में शामिल करने का विशेष अनुरोध किया था. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निविदा की तैयारी समाहर्ता ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी सैरातों के लिए आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की निविदा प्रक्रिया शुरू की जाये. यह प्रक्रिया राजस्व व भूमि सुधार विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की जायेगी. इससे स्थानीय निकायों को अपने स्तर पर राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी. पुरानी निविदा वाले सैरात भी होंगे शिफ्ट प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन सैरातों की निविदा प्रक्रिया पहले ही संपन्न हो चुकी है, उन्हें भी वर्तमान निविदा के साथ ही नगर निकायों को हस्तांतरित कर दिया जायेगा. इस आदेश के सफल क्रियान्वयन के लिए उप विकास आयुक्त, भागलपुर नगर आयुक्त और जिले के सभी नगर परिषद व नगर पंचायतों के कार्यपालक पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिये गये हैं.
bhagalpur news. अब हाट-बाजार और तालाबों की निविदा नगर निकायों से होगी
जिले के नगर निकायों के लिए राजस्व वृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
