TMBU Teachers Protest: भागलपुर. प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 एवं पीएचडी रेगुलेशन 2026 को लेकर टीएमबीयू के शिक्षकों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है. गुरुवार को अंगीभूत कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में मानव शृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से प्रस्तावित शिक्षक अधिनियम 2026 को वापस लेने की मांग की.
मानव शृंखला बनाकर जताया विरोध
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में मानव शृंखला बनाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रस्तावित विधेयक के विरोध में अपनी आपत्ति दर्ज कराई. प्रदर्शन में अंगीभूत कॉलेज शिक्षक संघ और पीजी विभाग के शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए.
शिक्षकों ने लगाया भेदभाव का आरोप
टीएनबी कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव डॉ. निर्लेश कुमार, मारवाड़ी कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. संगीत कुमार, सचिव डॉ. सुपेंद्र यादव और प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि स्नातक और पीजी शिक्षकों के बीच भेदभाव किया जा रहा है. उनका कहना था कि सभी शिक्षक विश्वविद्यालय के शिक्षक हैं, इसलिए उनके साथ अलग-अलग व्यवहार उचित नहीं है.
पीएचडी और प्रमोशन पर जताई चिंता
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कॉलेज के शिक्षकों को पीएचडी करने और शोध निर्देशन जैसे अकादमिक कार्यों से वंचित किया जा सकता है. इससे उनके शैक्षणिक विकास और पदोन्नति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने इसे शिक्षकों के हितों के खिलाफ बताया.
विधेयक के अन्य प्रावधानों पर भी आपत्ति
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि प्रस्तावित राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 में शिक्षकों की राजनीतिक गतिविधियों, आलोचनात्मक लेखन और चुनाव लड़ने जैसे अधिकारों पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही जा रही है. उन्होंने इसे शिक्षकों की स्वतंत्रता पर अंकुश बताते हुए सरकार से प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की.
बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
TMBU Teachers Protest: प्रदर्शन में प्रो. मुश्फिक आलम, डॉ. केके मंडल, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अभिषेक आनंद, डॉ. अमिताभ चक्रवर्ती, सेवानिवृत्त प्रो. राम सेवक सिंह, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. स्वस्तिका दास, डॉ. गरिमा त्रिपाठी, डॉ. रवि शंकर चौधरी, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. अंबिका सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे. .
