Bhagalpur News: 19 से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुरू होगी हृदय के मरीजों की सर्जरी

प्राचार्य डॉ केके सिन्हा एवं अधीक्षक डॉ हेमशंकर शर्मा ने विभिन्न विभाग के एचओडी के साथ बैठक की

वरीय संवाददाता, भागलपुर

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मायागंज के प्राचार्य डॉ केके सिन्हा एवं अधीक्षक डॉ हेमशंकर शर्मा ने विभिन्न विभाग के एचओडी के साथ बैठक की. बैठक में बताया कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हृदय के मरीजों की सर्जरी बुधवार 19 फरवरी को शुरू होगी. इसके साथ ही 10 बेड की आइसीयू की सुविधा दी जायेगी. अस्पताल में किडनी के मरीजों को सीटी स्कैन व एमआरआई जांच, हृदय मरीजों को इसीजी, टीएमटी व इको जांच की सुविधा मिलेगी. इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए चिकित्सक व नर्स की तैनाती शुरू हो गयी है. टेक्नीशियन, ट्राॅलीमैन समेत अन्य मानव बल की तैनाती दो दिनों में उर्मिला इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड की ओर से किया जायेगी. बैठक में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ केके सिन्हा, एचओडी मेडिसिन डॉ अविलेष कुमार, एचओडी सर्जरी डॉ सीएम सिन्हा, डॉ अनुपमा सिन्हा, डॉ धर्मेंद्र कुमार, डॉ अंकुर प्रियदर्शी आदि उपस्थित थे.

मानव बल की बहाली के लिए आयुक्त के स्वीकृति का इंतजार

सीटी स्कैन चलाने के लिए एइआरबी यानी एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड की मंजूरी नहीं मिली है. चर्चा है कि पांच दिनों में इसे मंजूरी मिल जायेगी. ह्यूमन पावर की बहाली के लिए प्रदेश के अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य प्रत्यय अमृत ने मंजूरी दी है लेकिन भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त से स्वीकृति नहीं मिली है. अस्पताल अधीक्षक डॉ हेमशंकर शर्मा ने बताया कि सोमवार को कमिश्नर इसकी मंजूरी देंगे. मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ अविलेश कुमार से बातचीत की गयी. फिर डॉ हेमशंकर शर्मा ने बताया कि मायागंज अस्पताल की 13 और स्टाफ नर्स की तैनाती सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में की गयी है.

पेसमेकर भी डालने की सुविधा हो जायेगी शुरू

सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के कैथ लैब व दस बेड के कार्डियक आईसीयू के लिए जूनियर रेजीडेंट, एक एनेस्थेटिक की तैनाती सोमवार तक होगी. कैथ लैब में सर्जरी करने के लिए डॉ सुमित शंकर के रूप में एक कार्डियोलॉजिस्ट पहले से हैं. इस लैब में हार्ट की कोरोनरी में स्टेंट डालने से लेकर पेसमेकर की सुविधा शुरू होगी. जेएलएनएमसीएच अस्पताल में भर्ती ह़दय, किडनी व न्यूरो के के मरीजों को जयप्रभा मेदांता रेफर नहीं करना पड़ेग. विशेषज्ञ चिकित्सकों की चिकित्सकीय सलाह के बाद ही यूनिट इंचार्ज उन्हें पटना रेफर करेंगे.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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