bhagalpur news. स्नातक ओल्ड कोर्स पार्ट थ्री की छात्रा को मिला फर्जी एडमिट कार्ड, पहुंची परीक्षा विभाग

टीएमबीयू में फेल छात्रा को अवैध रूप से पास कराने का मामला सामने आने के बाद कई और फर्जीवाड़ा सामने आने लगे हैं. इसके बाद विवि के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गयी है.

भागलपुर

टीएमबीयू में फेल छात्रा को अवैध रूप से पास कराने का मामला सामने आने के बाद कई और फर्जीवाड़ा सामने आने लगे हैं. इसके बाद विवि के अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गयी है. ऐसा ही एक और मामला गुरुवार को समाने आया. गुरुवार से शुरू हुई स्नातक ओल्ड कोर्स पार्ट थ्री की परीक्षा से कई परीक्षार्थी को रोक दिया गया, जिसके पास फर्जी एडमिट कार्ड था. आश्चर्य की बात यह है कि मामले की जानकारी विवि को नहीं है.

विवि से तय तिथि पर परीक्षा फॉर्म कॉलेजों से भराया गया. लेकिन, कुछ ऐसे विद्यार्थी हैं, जिनका नाम रिकॉर्ड में अंकित नहीं है. अल्फा-बेटिकल में भी उनका नाम नहीं लिखा है. परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान लिये जाने वाले शुल्क भी जमा नहीं है. इसके बाद भी विद्यार्थी का पार्ट थ्री परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया. दरअसल, गुरुवार को फर्जीवाड़ा की शिकार एसएसपीएस शंभुगंज के राजनीति विज्ञान ऑनर्स की छात्रा तनुजा कुमारी अपने रिश्तेदार के साथ विवि के परीक्षा विभाग पहुंची थी. असरगंज से छात्रा के साथ आये रिश्तेदार ने परीक्षा नियंत्रक को एडमिट कार्ड दिखाया. एडमिट कार्ड की जांच की गयी, तो शाखा से जारी करने वाले सहायक का हस्ताक्षर था, लेकिन किसी का नाम नहीं था. परीक्षा नियंत्रक का हस्ताक्षर भी स्पष्ट नहीं था. जांच के क्रम में छात्रा से जुड़े कोई दस्तावेज अल्फा-बेटिकल में नहीं मिल रहा था. परीक्षा नियंत्रक के पूछताछ में छात्रा व उनके रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि एडमिट कार्ड तैयार करने के लिए उनसे तीन हजार रुपये सहायक संजय कुमार ने लिया है. परीक्षा नियंत्रक को पूरे मामले से अवगत कराया. मौके से ही छात्रा व उनके रिश्तेदार ने सहायक को फोन भी किया, लेकिन स्विच ऑफ बताया.

उधर, परीक्षा नियंत्रक डॉ कृष्ण कुमार ने कहा कि एडमिट कार्ड विवि से जारी नहीं किया गया है. विवि में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है. पार्ट थ्री की परीक्षा में कुछ केंद्रों से एडमिट कार्ड में गड़बड़ी की बात बतायी गयी है. केंद्राधीक्षकों से कहा गया कि एडमिट कार्ड की जांच विद्यार्थी के मूल कॉलेज से कराये. साथ ही विवि को भेजे गये अल्फा बेटिकल से भी जांच करें. इसके बाद भी ऐसे विद्यार्थी को परीक्षा में शामिल करे. कहा कि पूरे मामले से कुलपति को अवगत कराया जायेगा. दूसरी तरफ कुलपति के मुख्यालय आने के बाद मामले में जमा रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

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By Atul kumar

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