– हजरत लाल मोहम्मद शाहजंगी रहमतुल्लाह अलैह का उर्स-ए-पाक संपन्न
– लोगों ने देश-दुनिया के लिए अमन-शांति, भाईचारा व तरक्की की दुआ मांगीवरीय संवाददाता, भागलपुर
शाहजंगी पहाड़ स्थित हजरत लाल मोहम्मद शाहजंगी रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय चल रहे सालाना उर्स-ए-पाक शनिवार को संपन्न हो गया. अंतिम दिन दरगाह शरीफ की जियारत के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी. तीन क्विंटल गेंदा फूल से दरगाह परिसर को सजाया गया था. ईशा की नमाज के बाद कव्वाली का आयोजन किया गया. बरेली शरीफ के ओबैस फैज चिश्ती व देवा शरीफ के कव्वाल कोनैन वारसी ने हजरत की शान में कव्वाली पेश किया. कोनैन वारसी हजरत की शान में नातिया कलाम पेश करते हुए कहा कि मुझको मोहताज किसी का नहीं होने देंगे, शाहजंगी पीर बाबा मुझे रुसबा नहीं होने देंगे…. इस कलाम की प्रस्तुति पर कव्वाली सुनने आये लोग झूम उठे. दोनों कलाकारों के बीच कव्वाली का मुकाबला भी हुआ. कार्यक्रम देर रात तक चला. शाहजंगी, इमामपुर, हबीबपुर, चमेलीचक, मोजािहदपुर, कबीरपुर सहित कई मोहल्ले के लोग कव्वाली सुनने आये थे.
वहीं, दरगाह शरीफ पर फातिहाखानी कराने आये लोगों ने देश-दुनिया के लिए अमन-शांति, भाईचारा व तरक्की की दुआ मांगी. दरगाह शरीफ को तीन क्विंटल गेंदा के फूलों से सजाया गया था. एक दिन पहले शुक्रवार को मगरिब की नमाज के बाद दरगाह शरीफ पर चादरपोशी की गयी थी. इशा के बाद जलसा का आयोजन किया गया था. इस दौरान जामिया शाहजंगी पीर मदरसा के छह बच्चों की कुरान-ए-पाक हिफज करने पर उनकी दस्तारबंदी की गयी थी. मौके पर शाहजंगी मजार कमेटी के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद आफताब, सचिव तारीक शम्स सहित कमेटी के सभी सदस्य मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
