भगदड़ की आशंका को लेकर रेलवे सतर्कता, ट्रेनों में भीड़

सोमवार को ट्रेन पकड़ने के लिए काफी संख्या में यात्रियों का जुटान भागलपुर रेलवे स्टेशन पर हो गया

– कड़ी सुरक्षा के बीच व्यवस्था की मॉनिटरिंग एडीआरएम शिव कुमार कर रहे

वरीय संवाददाता, भागलपुर

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेला में जाने के दौरान पटना में भगदड़ व कटिहार व मधुबनी में यात्रियों द्वारा हंगामे की घटना के बाद भागलपुर रेलवे स्टेशन पर सतर्कता बढ़ गयी है. रविवार को विक्रमशिला एक्सप्रेस के कैंसिल होने के बाद सोमवार को ट्रेन पकड़ने के लिए काफी संख्या में यात्रियों का जुटान भागलपुर रेलवे स्टेशन पर हो गया. इनमें से आधे यात्री दिल्ली जाने वाले तो आधे यात्री प्रयागराज जा रहे थे. भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल तैनात दिखे. विक्रमशिला एक्सप्रेस में चढ़ाने के लिए यात्रियों को लाइन में खड़ा किया गया. वहीं भगदड़ की आशंका को लेकर बैरिकेडिंग भी किया गया था. कड़ी सुरक्षा के बीच व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए एडीआरएम शिव कुमार मौके पर मौजूद थे. हालांकि भीड़ अधिक होने के कारण कई यात्री स्लीपर बॉगी में घुस गये. एसी कोच के पास सुरक्षा बलों की तैनाती थी. इस कारण लोग एसी बॉगी में नहीं घुस पाये. यात्रियों ने बताया कि रविवार को ही ट्रेन पकड़ने आये थे. ट्रेन कैंसिल होने के कारण यहीं रुक गये थे. यात्री दिनेश साह ने बताया कि सपरिवार संगम स्नान के लिए जा रहे हैं. टिकट काउंटर पर भीड़ के कारण टिकट नहीं कटा पाये. इस कारण कतार से आरपीएफ ने निकाल दिया.

इंटरसिटी में भी श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

विक्रमशिला एक्सप्रेस के अलावा पटना जाने वाली चार इंटरसिटी एक्सप्रेस में लोग रवाना हुए. पटना जाकर यात्री प्रयागराज के लिए दूसरी ट्रेन पकड़ेंगे. पटना से प्रयागराज जा रही भागलपुर के एक शिक्षक ने बताया कि उनका सेकंड एसी में टिकट था. लेकिन एसी बॉगी की स्थिति जेनरल बॉगी जैसी हो गयी है. अपने सीट पर बैठने के लिए दूसरे यात्रियों के पैर पकड़ने पड़े.

500 से अधिक पैसेंजर स्लीपर बॉगी में घुसे

रेलवे स्टेशन पर विक्रमशिला के अलावा सूरत एक्सप्रेस में भी काफी भीड़ थी. ट्रेन में चढ़ाने के लिए यात्रियों में आपाधापी जैसी हालत थी. आरपीएफ, जीआरपी के अलावा बिहार विशेष सशक्त पुलिस स्टेशन पर तैनात थे. सुबह में ही दोनों ट्रेनों के जेनरल बोगियों में सीट के लिए तीन हजार से अधिक यात्री स्टेशन पर जमा हो गये. सुबह सात बजे खुलने वाली सूरत एक्सप्रेस की बॉगी जैसे ही प्लेटफाॅर्म पर लगी, सीट पाने के लिए लोग धक्का-मुक्की करने लगे. समय पर ट्रेन खुलने के बावजूद कई लोग नहीं चढ़ पाये. इधर, विक्रमशिला एक्सप्रेस की चार जेनरल बॉगी में 1200 से अधिक लोगों के चढ़ाया गया. शेष बचे 500 से अधिक लोग स्लीपर में सवार हो गये. भीड़ के कारण कई लोग ट्रेन में नहीं चढ़ सके. मालदा एडीआरएम शिव प्रसाद कुमार ने बताया कि 24-25 फरवरी तक भीड़ रहने की संभावना है.

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