bhagalpur news. पीएम का कार्यक्रम सरकारी है, सभी पदाधिकारी तय दायित्वों का गंभीरता से करें निर्वहन : मंगल पांडेय

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मंत्री मंगल पांडेय ने अधिकारियों के साथ की बैठक.

-24 फरवरी को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कृषि मंत्री व प्रभारी मंत्री ने की बैठक उपमुख्य संवाददाता, भागलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को भागलपुर आयेंगे. कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा सोमवार को समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में राज्य के स्वास्थ्य सह कृषि मंत्री मंगल पांडेय व श्रम संसाधन सह प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सिंह ने की. मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री यहां से बिहार के 82 लाख समेत देश के नौ करोड़ किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त की राशि जारी करेंगे. देशवासियों की नजर भागलपुर पर रहेगी. यह भागलपुर व बिहारवासियों के लिए गर्व की बात है. यह सरकारी कार्यक्रम है. लिहाजा सभी पदाधिकारियों को निर्धारित दायित्वों का पूरी गंभीरता से निर्वहन करना होगा. कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा शामिल होंगे. इससे पहले दोनों मंत्रियों ने हवाई अड्डा स्थित कार्यक्रम स्थल पर जारी तैयारियों का मुआयना किया. बैठक में जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि मंच व एयर स्ट्रीप का निर्माण, शौचालय का निर्माण, वाहन पार्किंग स्थल व पंडाल (हैंगर) का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है. कार्यक्रम स्थल की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जायेगी. कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य शिविर व कई एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी. मंच का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. लगभग 100 शौचालय का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें 40 महिलाओं के लिए व 60 पुरुषों के लिए रहेगा. आठ स्थानों पर टैंकर के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जायेगी. प्रत्येक टैंकर से आठ-आठ नल जुड़े रहेंगे. हैंगर के उत्तर व दक्षिण में 150-150 फीट की दूरी पर व्यू कटर लगाया जायेगा. इस 150 फीट के बीच लोग रह सकेंगे. ——————- कार्यक्रम के प्रवेश द्वार : –मीडिया व वीवीआइपी के लिए पश्चिम की ओर से (केंद्रीय कारा के समीप) से प्रवेश द्वार रहेगा –आम लोगों के लिए पूर्व में कई प्रवेश द्वार बनाये जा रहे हैं. –फ्रिस्किंग के लिए भी पर्याप्त संख्या में डीएफएमडी लगाये जायेंगे. ———————— सभी वाहन पार्किंग कार्यक्रम स्थल से एक किमी दूरी पर वाहनों की पार्किंग के लिए 27 स्थलों का चयन किया गया है. यहां 3500 बड़ी बसें व 7500 छोटी चारपहिया गाड़ियां लग सकती हैं. सभी वाहन पार्किग स्थल कार्यक्रम स्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर है. वीवीआइपी के लिए पार्किंग स्थल हवाई अड्डा परिसर में ही बनाया गया है. मुख्यमंत्री व राज्यपाल के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाये गये हैं. —————— पंडाल की अगली कतार में वीवीआइपी व मीडियाकर्मी पंडाल की सबसे अगली कतार में वीवीआइपी और मीडियाकर्मी रहेंगे. शेष में महिला, किसान व आमलोग रहेंगे. महिलाओं के बैठने के लिए अलग व्यवस्था रहेगी. मीडिया, विशेष अतिथियों के लिए, मंच पर बैठने वाले अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए, पदाधिकारी व कर्मियों के लिए अलग-अलग रंग के पहचान पत्र निर्गत किये जायेंगे. बैठक में कृषि विभाग के निदेशक नितिन नवीन, वरीय पुलिस अधीक्षक हृदयकांत, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता गरिमा लोहिया सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >