भागलपुर, ललित किशोर मिश्र खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लेने कई ऐसी प्रतिभाएं पहुंची हैं जो देश-विदेश में जौहर दिखा चुकी हैं. प्रतियोगिता के दौरान इन प्रतिभाओं के बीच बेशक, प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी. मगर आयोजन स्थल सैंडिस कंपाउंड में सभी एक दूसरे गर्मजोशी से मिलते देखे गये. देश के विभिन्न राज्यों के आये खिलाड़ी यहां के आतिथ्य से अभी तक गदगद हैं. रविवार को इनमें कई खिलाड़ियों ने प्रभात खबर से बातचीत की.
– वैदेही ने कहा, बचपन के शौक को बदला लक्ष्य में महाराष्ट्र की रहने वाली वैदेही यादव ने बताया कि बचपन से ही तीरंदाजी का शौक था, जिसे मैंने अपना लक्ष्य बनाया. वैदेही कहती है कि वह ईरान व बैंकॉक में इंटरनेशनल स्तर की तीरंदाजी प्रतियोगिता में मेडल हासिल कर चुकी है. इसने कहा कि मैदान पहुंचने के क्रम में शहर के कुछ हिस्से को देखने का मौका मिला. उसे अच्छा लगा. यहां सुरक्षा भी बेहतर है.– यहां खेल व खिलाड़ियों के लिये सम्मान है
महाराष्ट्र की ही प्रीतिका प्रदीप कहती है कि वह बैंकाक व ताइवान में इंटरनेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता में देश के लिये मेडल जीत चुकी है. इसका लक्ष्य तीरंदाजी में देश का नाम ऊंचा करना है. बिहार पहली बार आयी है. कहा कि जिस तरह से भागलपुर में इस तरह का आयोजन किया गया है. इससे साफ जाहिर है कि यहां लोगों में खेल और खिलाड़ियों के लिए बहुत ही सम्मान है.– मिले सम्मान से खुश है निष्ठा
मथुरा की रहने वाली निष्ठा गुप्ता भी पहली बार बिहार आयी है. भागलपुर में मिले सम्मान से खुश है. निष्ठा कहती है कि वह देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगिता में भाग लिया है. वह नेशनल प्रतियोगिता की विनर भी रही है. यहां आयोजन बेहतर है.
– खिलाड़ियों के लिए सेफ्टी जरूरी, जो यहां देखने को मिला मधुरा वंशिनी भी बैंकाक में आयोजित इंटरनेशनल प्रतियाेगिता में देश के लिए मेडल जीत चुकी है. वह कहती है कि भागलपुर में खिलाड़ियों के लिये सुरक्षा व्यवस्था कारगर है. अन्य व्यवस्था भी बेहतर है. जाहिर है प्रतियोगिता भी बेहतर रहेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
