Bhagalpur News: 15 सेक्टर व तीन कतार में होगा पंडाल, 50 हजार लोग बैठ सकेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भागलपुर में 24 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा बैठक शनिवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में हुई.

–प्रधानमंत्री कार्यक्रम को लेकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की समीक्षा–कार्यक्रम स्थल पर कृषि विभाग लगायेगा 75 स्टॉल, कार्यक्रम के बाद दो दिनों तक खुला रहेगा

उपमुख्य संवाददाता, भागलपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भागलपुर में 24 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा बैठक शनिवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में हुई. उपमुख्यमंत्री ने 23 व 24 फरवरी को यातायात की व्यवस्था सुचारू रखने और स्वच्छता अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिये. बैठक में श्रम संसाधन विभाग के मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सिंह, विधायक कुमार शैलेंद्र व पवन कुमार यादव, विधान पार्षद डॉ एनके यादव, आइजी विवेक कुमार, जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, एसएसपी हृदय कांत उपस्थित थे. भागलपुर व मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार वर्चुअल मोड में जुड़े रहे. जिलाधिकारी ने कार्यक्रम की तैयारी को लेकर पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी. बताया गया कि मंच निर्माण, बैरिकेडिंग, हेलिपेड निर्माण व पार्किंग स्थल पर तेजी से काम किया जा रहा है. मुख्य मंच इतना बड़ा बनाया जा रहा है कि तीन कतार में पर्याप्त संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी. पंडाल में 50 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी, जिसे 15 सेक्टर व तीन कतार में बांटा गया है. कृषि विभाग द्वारा लगभग 75 स्टॉल लगाये जाएंगे, जो कार्यक्रम के बाद भी दो दिनों तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा.

कल तक सभी कार्य हों जायेंगे पूरे

डीएम ने कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में कई स्थलों पर शौचालय व वाटर एटीएम की व्यवस्था की जा रही है. पानी पीने के लिए लगभग 64 टेप (नल) रहेंगे. 17 फरवरी तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे. 27 जगहों पर वाहन पार्किंग स्थल बनाये जा रहे हैं. यहां 3,000 बसें व 7,000 छोटी गाड़ियों की पार्किंग की जा सकेगी. वाहन पार्किंग स्थल पर भी पंडाल की व्यवस्था रहेगी.

अलग-अलग रंगों के होंगे पास

मीडियाकर्मी, पदाधिकारी, वीवीआइपी, सभी संबंधित कर्मी के लिए अलग-अलग कलर के पहचान पत्रों की व्यवस्था रहेगी. वीवीआइपी के ठहरने के लिए पर्याप्त संख्या में आवासन की व्यवस्था की गयी है. स्वच्छता अभियान भी निरंतर चलाया जा रहा है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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