भागलपुर. मारवाड़ी कॉलेज में शनिवार से 21वीं राष्ट्रीय दिव्यांग शतरंज प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ. नगर विधायक रोहित पांडेय ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया. राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के कुल 112 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. प्रतियोगिता में दिव्यांग खिलाड़ियों ने शतरंज की बिसात पर अपनी प्रतिभा, एकाग्रता और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया.
सात वर्गों में हिस्सा ले रहे 112 खिलाड़ी
प्रतियोगिता में श्रवण बाधित वर्ग के 12, दृष्टिबाधित वर्ग के 10, लोकोमोटर वर्ग के 24, बौद्धिक दिव्यांग वर्ग के आठ, दृष्टि-संबंधित विजिबिलिटी वर्ग के 10, यूनिफाइड-कनेक्टा वर्ग के 40 और विजिबिलिटी टीम वर्ग के आठ खिलाड़ी शामिल हैं. अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले कराये जा रहे हैं.
प्रकाश और अमित दो-दो अंक के साथ शीर्ष पर
श्रवण बाधित वर्ग में दो राउंड के मुकाबले पूरे हो चुके हैं. प्रकाश सिंह ने दोनों मुकाबले जीतकर दो अंक हासिल किये हैं और अब तक अजेय रहते हुए शीर्ष पर हैं. अमित सिंह भी दो अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं.दृष्टिबाधित वर्ग में कुल 10 खिलाड़ी शामिल हैं. इस वर्ग में अखिलेश श्रीवास्तव ने दो अंक हासिल कर बढ़त बना रखी है.
प्रियंका, राहुल और दिलीप ने जीते दोनों मुकाबले
लोकोमोटर वर्ग में कुल चार राउंड के मुकाबले निर्धारित हैं, जिनमें दो राउंड पूरे हो चुके हैं. प्रियंका कुमारी, राहुल कुमार और दिलीप कुमार ने अपने दोनों मुकाबले जीतकर दो-दो अंक हासिल किये हैं. तीनों खिलाड़ी संयुक्त रूप से शीर्ष पर बने हुए हैं.
बौद्धिक दिव्यांग वर्ग में तुषार ने दर्ज की जीत
बौद्धिक दिव्यांग वर्ग में तुषार सर्वंत ने अपने मुकाबले में जीत दर्ज की. वहीं पहले राउंड के मुकाबले में अभिजीत मुखर्जी, अभिषेक रंजन, अनिकेत रंजन, प्रखर चौरसिया, सुदाकांतो दास, आदित्य कुमार, अमृत आशीष, साक्षी कुमारी, सार्थक कुमार, अभय, अमृत, अंशुमान, अंशुमान अमृत, राधा रानी, रविशंकर कुमार और अपराजित ने जीत दर्ज कर एक-एक अंक हासिल किया.
भागलपुर की शतरंज गतिविधियों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी : विधायक
प्रतियोगिता के उद्घाटन के मौके पर नगर विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि इस आयोजन से भागलपुर की शतरंज गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी. शतरंज का लगातार विस्तार होना पूरे शहर के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि बिहार में पहली बार किसी शतरंज एसोसिएशन की ओर से राष्ट्रीय स्तर की दिव्यांग शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन भागलपुर में होना विशेष उपलब्धि है. ऐसे आयोजनों से दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलता है.
शतरंज से एकाग्रता और निर्णय क्षमता होती है विकसित
मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य संजय कुमार झा ने कहा कि खेल और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं. शतरंज खिलाड़ियों में एकाग्रता, अनुशासन, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है. दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन समावेशी खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
कई पदाधिकारी और खेल जगत से जुड़े लोग रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में पूर्व कुलपति प्रो. फारूक अली, विश्वविद्यालय खेल सचिव डॉ. संजय कुमार जायसवाल, भागलपुर जिला शतरंज संघ के सचिव अजय कुमार मिश्रा, अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, बांका के अध्यक्ष संजय कुमार झा, मुख्य निर्णायक अंकित कुमार मिश्रा और दिव्यांग ओलंपिक कमेटी बिहार के अध्यक्ष डॉ. शिवाजी कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन नसर आलम और अंजुम परवेज ने किया.
