bhagalpur news मैट्रिक परीक्षा - दूसरे दिन 1034 परीक्षार्थी अनुपस्थित

मैट्रिक परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों पालियों में 46,699 परीक्षार्थियों ने दी है तो 1034 अनुपस्थित रहे. कहीं से भी निष्कासित होने की सूचना नहीं है. वहीं कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों के विलंब से पहुंचे पर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया

भागलपुर. मैट्रिक परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों पालियों में 46,699 परीक्षार्थियों ने दी है तो 1034 अनुपस्थित रहे. कहीं से भी निष्कासित होने की सूचना नहीं है. वहीं कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों के विलंब से पहुंचे पर परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया. मारवाड़ी पाठशाला केंद्र पर दूसरी पाली में शाहजंगी की एक छात्रा विलंब से सेंटर पर पहुंची थी. गेट बंद देख पुलिस कर्मियों से गेट खोलने की गुहार लगायी, लेकिन गेट नहीं खुला. स्थानीय लोगों द्वारा समझाने बुझाने के बाद छात्रा अपने घर को लौट गयी. जानकारी मिली है कि एसएस बालिका उच्च विद्यालय और एक अन्य विद्यालय में भी विलंब से पहुंचने पर दो परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गयी. सुबह में जाम नहीं रहने के कारण परीक्षार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंच गये. वहीं दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान शहर के कई मार्गों पर हैवी ट्रैफिक था जिसके कारण छात्र केंद्र पर विलंब से पहुंचे. बता दें कि पहली पाली में 23,357 परीक्षाथी उपस्थित व 456 अनुपस्थित रहें. वहीं दूसरी पाली में 23,342 परीक्षार्थी उपस्थित व 578 अनुपस्थित रहें. परीक्षार्थियों ने दी मिली जुली प्रतिक्रिया मंगलवार को दोनों पालियों में गणित की परीक्षा ली गयी. परीक्षार्थियों ने प्रश्नों के बाबत मिली जुली प्रतिक्रिया दी है. मारवाड़ी पाठशाला सेंटर पर कोमल कुमारी ने कहा कि उसने 95 अंक के प्रश्नों के उत्तर दिए, लेकिन पेज की कमी के कारण 5 अंकों का एक प्रश्न छूट गया. इसी सेंटर पर परीक्षार्थी ऋचा कुमारी ने कहा कि उसने हर प्रश्न का उत्तर दिया, लेकिन ग्राफ बनाने का समय नहीं मिल पाया. मैंने पूरी कोशिश की है, लेकिन अंक परीक्षक पर निर्भर करते हैं. श्याम सुंदर निकेतन सेंटर पर श्रेया ने आत्मविश्वास के साथ कहा, हमारे 100 में 100 अंक आना तय है, क्योंकि हमने पूरी परीक्षा अच्छे से लिखी है. बरारी सेंटर पर राजन ने बताया कि उन्होंने सभी प्रश्नों के उत्तर सही तरीके से दिए हैं और अच्छे अंक आने की उम्मीद है. शहर में कई जगहों पर लगा जाम, विक्रमशिला सेतु पर भी एक घंटे रही जाम की स्थिति शहर में मैट्रिक की परीक्षा और प्रयागराज जाने वालों की बड़ी संख्या में आवाजाही के करण मंगलवार को भी एक दर्जन से अधिक जगहों पर जाम की स्थिति देखी गयी. स्टेशन चौक पर पांच बार से अधिक आधे-आधे घंटे के जाम का लोगों को सामना करना पड़ा. इस दौरान वाहन रैंगते रहे. जीरोमाइल में भी सुबह 9 से 11 बजे के करीब तीन बार जाम का सामना लोगों को करना पड़ा. विक्रमशिला पुल पर भी सुबह 7 बजे के करीब 1 घंटे के लिए वाहनों की आवाजाही बढ़ जाने से वाहन रैंग रहे थे. हालांकि कुछ देर में ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. शाम के समय में परीक्षा समाप्त होते ही परीक्षा केंद्र के आसपास की सड़क जाम के जद में चली गयी थी. जिससे परीक्षार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. घंटा घर से डिक्शन मोड़ और घंटाघर से मारवाड़ी पाठशाला, खलीफाबाग होते हुए स्टेशन जाने वाली सड़क पर जाम की स्थिति बन गयी. परबत्ती स्थित मुस्लिम उर्दू हाई स्कूल के समीप भी शाम के समय में दो घंटे तक लोगों को जाम का सामना करना पड़ा. ट्रैफिक इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि परीक्षा में वाहनों के अत्यधिक आवागमन की वजह से जाम लग रहा है. कई चिह्नित जगहों पर ट्रैफिक जवानों की तैनाती की गई है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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