औद्योगिक थाना प्रक्षेत्र के बहादुरपुर मोहल्ले के प्राइवेट चालक सोनू कुमार की पत्नी अर्पणा कुमारी (20) की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी. अर्पणा का मायके बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बाबूराही गांव में है. पिता अनिल यादव ने पति समेत ससुराल वालों पर दहेज के लिए पुत्री की हत्या कर दिये जाने का आरोप लगाते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. औद्योगिक थाना पुलिस ने मृतका के पति सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य परिजनों को हिरासत में ले कर पूछताछ कर रही है. दूसरी तरफ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. मृतका के गले पर स्याह निशान थे. देर शाम अर्पणा के शव को लेकर उसके मायके वाले बेगूसराय के लिए रवाना हो गये थे. इधर औद्योगिक थाना क्षेत्र की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की है. विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा साक्ष्यों को एकत्रित किया गया है. मृतका और उसके पति का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया है. थानाध्यक्ष बुद्धदेव पासवान ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. फंदा लगा कर आत्महत्या करने की बात कही जा रही अर्पणा के मायके वाले परिजनों ने बताया कि उनलोगों को गुरुवार देर रात सूचना मिली कि अर्पणा ने गले में फंदा डाल कर आत्महत्या कर ली है. यह जानकारी अर्पणा के पड़ोसियों द्वारा दी गयी थी. पिता का कहना है कि रात्रि करीब 1.30 बजे जब उसने अपने दामाद सोनू के मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो उसने फोन नहीं उठाया. उस वक्त वे पटना में थे. रात में ही वह भागलपुर के लिए रवाना हो गये. सुबह जब बहादुरपुर पहुंचे तो देखा कि कमरे में बेड पर अर्पणा की लाश पड़ी थी, छत के पंखे की कड़ी से एक दुपट्टा लटक रहा था. उस समय उसके दामाद और उसके परिजनों ने बताया कि अब जो होना था हो गया. लाश गाड़ी में लोड करिए और यहां से भागिए. पिता अनिल यादव का आरोप है कि उसके दामाद सोनू कुमार, उसके बड़े भाई मिथिलेश यादव, मां निर्मला देवी, बड़ी भाभी नीतू देवी, मंझली भाभी प्रियंका देवी ने मिल कर उसकी पुत्री को फंदे पर लटका कर मार डाला है. इस घटना का मास्टर माइंड गुलशन नाम का आदमी है. उसका दामाद गुलशन के ही चार चक्का वाहन का चालक है. दहेज के रूप में मांग रहा था चार चक्का वाहन व अन्य सामग्री अनिल यादव ने बताया कि वह पटना में एक बड़े अधिकारी का प्राइवेट चालक है और पटना में ही रहता है. उसने 22 नवंबर 2024 को अपनी पुत्री की शादी सोनू से की थी. शादी में काफी खर्च किया और दामाद और बेटी को उपहार भी दिया. ज्यादा खर्च हो जाने के बाद उसकी जमीन भी बिक गयी. शादी के बाद अर्पणा ससुराल गयी. फिर लौट कर मायके आयी तो उसने बताया कि ससुराल वाले दहेज के रूप में एक चार चक्का वाहन, एक सोने की चेन और अंगूठी मांग रहे हैं. अनिल यादव ने कहा कि वह इतना सामान देने में असमर्थ था, इसलिए नहीं दे सके. इसके बाद से अर्पणा को तरह-तरह की प्रताड़ना दी जाने लगी. अर्पणा की मौत के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं. हरिद्वार से लौटने के बाद अंतिम बार अपनी पुत्री से मिले थे अनिल पिता अनिल यादव ने बताया कि अर्पणा हरिद्वार गयी थी. 13 या 14 मार्च को वह बहादुरपुर लौटी थी. इसके बाद ही वह अर्पणा के घर गया था. उसे प्रसाद दिया गया था. लेकिन अर्पणा उससे पारिवारिक कष्ट के बारे में कुछ नहीं बताती थी. इसलिए उस दिन भी उसने अपनी परेशानी के बारे में नहीं बताया. लेकिन वह अपनी मां से सब कुछ बताती थी. फिर उसकी मां ही उसकी तकलीफ की जानकारी देती थी. अर्पणा अपनी चार बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की थी.
bhagalpur news. बहादुरपुर में विवाहिता की संदेहास्पद स्थिति में मौत, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप, पति गिरफ्तार
औद्योगिक थाना प्रक्षेत्र के बहादुरपुर मोहल्ले के प्राइवेट चालक सोनू कुमार की पत्नी अर्पणा कुमारी (20) की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गयी.
