Bhagalpur news री-डिजाइन से गंगा पुल परियोजना में आयी जान

सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है.

सुलतानगंज में वर्षों से अधर में लटकी सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. तकनीकी खामियों और हादसों के कारण बार-बार बाधित रहे निर्माण कार्य को अब री-डिजाइन के साथ नए सिरे से तेज किया गया है. निर्माण एजेंसी का दावा है कि निर्धारित गति बनी रही तो अगले दो वर्षों में पुल पर यातायात शुरू हो सकता है.

नए डिजाइन से बढ़ेगी मजबूती

परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह के अनुसार, पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को ध्यान में रखते हुए नया स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार किया गया है, जिसे आइआइटी रुड़की को स्वीकृति के लिए भेजा गया है. प्रस्तावित डिजाइन के तहत पाया संख्या दो से छह के बीच तीन नए पिलर बनाए जाएंगे, जिससे पुल की भार क्षमता और स्थायित्व में वृद्धि होगी. पुल की मजबूती बढ़ेगी और लोड का संतुलन बेहतर तरीके से होगा. प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार, जैसे ही नए डिजाइन को अंतिम मंजूरी मिलती है, करीब एक पखवाड़े के भीतर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. नए डिजाइन के तहत बनने वाला पुल पहले से अधिक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ होगा. गंगा नदी के बीच वेल कूप कटिंग, केसिंग और सरिया कार्य तेज गति से चल रहा है. पाया संख्या 10, 11 और 12 पर फाउंडेशन से जुड़े कार्यों में तेजी लाई गई है, जिससे निर्माण की प्रगति स्पष्ट नजर आ रही है.

एप्रोच पथ भी तेजी से तैयार

सुलतानगंज साइड में करीब 4.11 किलोमीटर लंबा फोरलेन एप्रोच पथ तेजी से आकार ले रहा है. मशीनों और श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य को समयबद्ध पूरा करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. एप्रोच पथ के प्रोजेक्ट मैनेजर मृत्युंजय प्रताप राव ने बताया कि कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए पहल जारी है.

तीन हादसों से लगा था ब्रेक

2015 में शिलान्यास के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन बड़े हादसों और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण झटका लगा, जिससे निर्माण कार्य ठप रहा. बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निरीक्षण के बाद परियोजना में तेजी आई है. एप्रोच पथ को 2026 तक और सुपर स्ट्रक्चर को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यों की निगरानी हो रही है.

पुल बनेगा तो बदलेगी तस्वीर

पुल के चालू होते ही उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा. यात्रा समय घटेगा, व्यापार को गति मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा. साथ ही प्रस्तावित डॉल्फिन पार्क से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. अगर तय समय सीमा में कार्य पूरा होता है, तो यह पुल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास का नया द्वार साबित होगा. फिलहाल, वर्षों के इंतजार के बाद परियोजना में आई रफ्तार ने लोगों में उम्मीद जगा दी है कि अब गंगा पर पुल का सपना जल्द ही साकार होगा.

क्यों है यह पुल अहम

पुल के चालू होते ही न केवल दूरी कम होगी, बल्कि व्यापार, परिवहन और प्रस्तावित डॉल्फिन पार्क के कारण सुलतानगंज को पर्यटन के नक्शे पर भी नई पहचान मिलेगी.

सुलतानगंज-अगुवानी गंगा ब्रिज परियोजना

निर्माण एजेंसी

– एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी- पुल निर्माण अपडेट- क्षतिग्रस्त हिस्से का री-कंस्ट्रक्शनविलंब के कारण▪ 30 अप्रैल 2022▪ 5 जून 2023▪ 17 अगस्त 2024(तीन बड़ी घटनाओं से कार्य प्रभावित)

सरकारी मॉनिटरिंग

– मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देश पर साप्ताहिक समीक्षा- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से नियमित निगरानी

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लेखक के बारे में

Author: JITENDRA TOMAR

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