सुलतानगंज गंगा जल लिफ्ट सिंचाई परियोजना के तहत सुलतानगंज अंचल क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गयी है. परियोजना के लिए गंगा नदी से बाढ़ अवधि में अधिशेष जल को बांका जिले के बडुआ जलाशय तथा मुंगेर जिले के खड़गपुर जलाशय तक पहुंचाने के उद्देश्य से सुलतानगंज अंचल के मौजा कमरगंज में 19.7 एकड़ तथा गनगनिया में 0.1398 एकड़ भूमि अधिग्रहित करनी है. अधिघोषणा धारा 19(1) के अधीन नोटिस चस्पा किया गया है.
सार्वजनिक स्थल पर चस्पा की गयी अधिघोषणा
मुखिया भरत कुमार ने बताया कि कमरगंज स्थित महादेव मंदिर के समीप सार्वजनिक स्थल पर अधिघोषणा चस्पा की गयी है. अधिघोषणा में परियोजना में जाने वाली जमीन का पूरा विवरण दिया गया है. भागलपुर समाहरणालय स्थित जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से जारी अधिघोषणा में कमरगंज मौजा में 19 भूखंड और गनगनिया में तीन भूखंड का उल्लेख है.अधिघोषणा में खाता संख्या, सर्वे भूखंड, स्वामित्व का प्रकार, भूमि का प्रकार, अर्जन के अधीन क्षेत्र, हितबद्ध व्यक्ति का नाम व पता तथा सीमावर्ती भूखंडों का भी विस्तृत विवरण दर्शाया गया है. परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में कुल सात परिवारों के विस्थापित होने की संभावना है.
नोटिस नहीं मिलने से पांच दिनों काम है बंद
पिछले पांच दिनों से परियोजना का निर्माण कार्य बंद है. किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक आधिकारिक नोटिस नहीं मिली है. इस कारण रैयतों ने आक्रोश में निर्माण कार्य रोक दिया था. निर्माण कंपनी ने पहले आश्वासन दिया था कि जिला भू-अर्जन कार्यालय भागलपुर से मार्च के पहले सप्ताह में सभी प्रभावित किसानों को नोटिस उपलब्ध करा दी जायेगी, लेकिन 10 मार्च तक नोटिस नहीं मिलने पर किसानों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने निर्माण कार्य बंद करा दिया. फिलहाल काम बंद ही है.नोटिस मिलने के बाद शुरू होगा काम
निर्माण कंपनी के सहायक मैनेजर अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अधिघोषणा चस्पा की गयी है. जल्द ही सभी प्रभावित किसानों को एक सप्ताह में नोटिस भेज दी जायेगी. नोटिस मिलते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जायेगा. सरकार का लक्ष्य है कि इस वर्ष किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा सके.
