बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ भागलपुर इकाई की नई टीम घोषित, जानिए किसे सौंपी गई कौन सी जिम्मेदारी

भागलपुर कार्यपालक सहायक संघ का पुनर्गठन किया गया है. कुणाल मिश्रा को नया अध्यक्ष चुना गया. नई टीम कर्मियों के हितों और प्रशासनिक सुधारों के लिए काम करेगी.

Bhagalpur Executive Assistant Association: बिहार के सरकारी दफ्तरों में जब भी आम नागरिक किसी योजना, प्रमाण पत्र या प्रशासनिक काम के लिए पहुंचता है, तो पर्दे के पीछे जो चेहरा हर दस्तावेज को डिजिटल और व्यवस्थित बनाने में जुटा होता है, वह कार्यपालक सहायक ही होता है. प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इन कर्मियों के हक, आवाज और संगठन को नई ताकत देने के लिए भागलपुर में एक बड़ा फैसला लिया गया है. सोमवार को जिला परिषद कार्यालय के समीप स्थित मनोरंजन भवन के सामने जब जिले भर के कार्यपालक सहायक जुटे, तो माहौल में एक नई ऊर्जा और बदलाव की हलचल साफ महसूस की जा रही थी.

क्यों पड़ी संगठन के पुनर्गठन की जरूरत और क्या है इसका संदर्भ

सरकारी तंत्र में दिन-रात सेवाएं देने के बावजूद कार्यपालक सहायकों को समय-समय पर अपने सेवा संबंधी मुद्दों, मानदेय, सेवा स्थायित्व और कार्यस्थल की चुनौतियों से जूझना पड़ता है. जब व्यक्तिगत स्तर पर आवाज दबा दी जाती है, तब एक मजबूत और एकजुट संगठन ही प्रशासनिक चौखट पर न्याय की गुहार लगाने का जरिया बनता है. इसी पृष्ठभूमि में बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के निर्देशों का पालन करते हुए भागलपुर जिला इकाई के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की गई. संघ के पूर्व अध्यक्ष राहुल चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले भर से आए कर्मियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और यह तय किया कि बिना एक मजबूत नेतृत्व के हक की लड़ाई को आगे बढ़ाना संभव नहीं है.

सर्वसम्मति से चुनी गई नई टीम, कुणाल मिश्रा को मिली कमान

बैठक में लंबे विचार-विमर्श और सर्वसम्मति के बाद संगठन के नए ढांचे की घोषणा की गई. इस पुनर्गठन में विधि विभाग के कार्यपालक सहायक कुणाल मिश्रा पर गहरा भरोसा जताते हुए उन्हें बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ की भागलपुर जिला इकाई का नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया. अध्यक्ष बनते ही कुणाल मिश्रा ने संकल्प जताया कि वे हर कर्मचारी के सुख-दुख और समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे. इसके साथ ही संगठन को हर स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी और समर्पित साथियों को अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं.

कार्यकारिणी का विस्तार और किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

संगठन के ढांचे को मजबूती प्रदान करते हुए सौरभ कुमार को उपाध्यक्ष पद की कमान दी गई, जबकि अन्नपूर्णा पांडेय को सचिव के रूप में संगठन के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी मिली. संघ के पूर्व अध्यक्ष राहुल चौहान को संयुक्त सचिव बनाया गया है ताकि उनके अनुभवों का लाभ नई टीम को लगातार मिलता रहे. वित्तीय पारदर्शिता और प्रबंधन बनाए रखने के लिए सपन कुमार सौरभ को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया.

मीडिया और जनसंचार के जरिए कर्मियों की बात को मजबूती से उठाने के लिए जुली रानी को मीडिया प्रभारी और प्रियंक आनंद को उप मीडिया प्रभारी की भूमिका दी गई. वहीं जमीनी स्तर पर समन्वय स्थापित करने के लिए अमित कुमार राम और जितेंद्र कुमार को जिला समन्वयक नियुक्त किया गया.

आम जनता और प्रशासनिक कामकाज पर क्या पड़ेगा इसका असर

किसी भी जिले में कार्यपालक सहायकों का संगठित होना सीधे तौर पर वहां की प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता से जुड़ा होता है. जब इन कर्मियों की समस्याओं का समय पर समाधान होता है और उन्हें कार्यस्थल पर सम्मानजनक माहौल मिलता है, तो सरकारी सेवाओं की डिलीवरी भी तेज हो जाती है.

भागलपुर की नई कार्यकारिणी ने स्पष्ट किया है कि उनका मकसद केवल विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि प्रशासन के साथ सकारात्मक संवाद कायम करके कर्मियों के हित सुरक्षित करना है. इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक पारदर्शी और त्वरित गति से हो सकेगा.

Bhagalpur Executive Assistant Association: आगे का रास्ता और राज्य स्तर पर संवाद की तैयारी

बैठक के समापन के बाद नवनियुक्त पदाधिकारियों के मनोनयन की आधिकारिक सूचना संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ संगठन के प्रदेश कार्यालय को भी भेज दी गई है. नई टीम अब जल्द ही भागलपुर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात कर कार्यपालक सहायकों की स्थानीय समस्याओं से अवगत कराएगी. इसके साथ ही राज्य स्तर पर उठने वाली मांगों में भागलपुर इकाई की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है.

नवनियुक्त नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी कार्यपालक सहायक के अधिकारों की उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरी एकजुटता के साथ अपनी मांगों को सही मंच पर रखा जाएगा.

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लेखक के बारे में

By संजीव झा

संजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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