bhagalpur news 20 सामान्य कोच वाली कुंभ स्पेशल ट्रेन दो हजार श्रद्धालुओं को लेकर रवाना

भागलपुर समेत आसपास के जिलों से प्रयागराज में महाकुभ स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गयी है.

भागलपुर समेत आसपास के जिलों से प्रयागराज में महाकुभ स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गयी है. इस भीड़ को कम करने के लिए रेलवे ने भागलपुर से प्रयागराज जंक्शन होते हुए आनंद विहार टर्मिनल को जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस को 18 व 19 फरवरी को रद्द कर दिया. इसके बाद मंगलवार को रेलवे ने भागलपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के लिए 20 सामान्य कोच वाली स्पेशल ट्रेन को रवाना किया. यह ट्रेन मंगलवार को दिन लगभग साढ़े 12 बजे भागलपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार पर पहुंची. पहले से ट्रेन को लेकर माइकिंग की जा रही थी. इसके पहले एक नंबर प्लेटफॉर्म से लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस की लंबी कतार लगी थी, जिसमें कुंभ स्नान वाले यात्री भी थे. आरपीएफ इंस्पेक्टर रणधीर कुमार, शिव शंकर सिंह सहित आरपीएफ की पूरी टीम व जिला बल के जवान इन यात्रियों को बोगी में चढ़ा रहे थे. यह ट्रेन छिवकी स्टेशन होकर गुजरती है जो प्रयागराज से चार किलोमीटर दूर है, लेकिन स्पेशल ट्रेन की सूचना पर यात्री चार नंबर प्लेटफॉर्म पर चले गये और कुछ पहले से बैठ गये थे. कटोरिया, बांका, मंदारहिल सहित कई इलाके के कई लोग सोमवार की रात से ही स्टेशन पर थे. स्पेशल ट्रेन भागलपुर से लगभग 2:15 बजे रवाना हुई. यह ट्रेन वाया किउल-पटना सुल्तानगंज, जमालपुर, अभयपुर, किउल, मोकामा, बाढ़, बख्तियारपुर, पटना साहेब, राजेंद्र नगर टर्मिनल, पटना, आरा, बक्सर में रुकेगा. इस ट्रेन में 18 सामान्य कोच व दो एलएलआर कोच था. काउंटर पर लोगों ने वापस कराया टिकट विक्रमशिला एक्सप्रेस के दो दिन रद्द होने के कारण स्टेशन पर काउंटर पर टिकट वापस करना वालों की भीड़ रही. जानकारी के अनुसार लगभग एक हजार से अधिक यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराया. प्रभात खबर में ट्रेन रद्द होने की खबर प्रकाशित होने से कई यात्री स्टेशन नहीं आए. वहीं जिन्हें इसकी जानकारी नहीं हुआ वह स्टेशन से वपस हुए. – हर दिन प्रयागराज के लिए कट रहे तीन हजार से अधिक टिकट पिछले 15 दिनों से अनारक्षित टिकट काउंटर से लगभग तीन हजार से अधिक टिकट प्रयागराज के लिए कट रहे हैं. सामान्य दिनों में जहां सभी जगहों के लिए लगभग 11 हजार टिकट कटते थे वह अब करीब 14 हजार पहुंच गया है. – भागलपुर स्टेशन पर की गयी दो एंबुलेंस की तैनाती भीड़ को देखते हुए भागलपुर स्टेशन परिसर में दो एंबुलेंस की तैनाती की गयी है. इसमें से एक एंबुलेंस सदर अस्पताल और दूसरी मालदा डिवीजन की है. इन एंबुलेंस की देखरेख के लिए चार सदस्यीय टीम की तैनाती की गयी है. – बनाया गया होल्डिंग एरिया भीड़ को देखते हुए भागलपुर स्टेशन परिसर में मंगलवार से एक होल्डिंग एरिया बनाने का काम शुरू किया गया, ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ न हो. सभी यात्री जो जिस ट्रेन के हैं वो होल्डिंग एरिया में रहे. उनकी ट्रेन आने की सूचना मिलने के बाद कतार में उन्हें प्लेटफॉर्म जाने दिया जायेगा. नई-दिल्ली में हुए हादसे के बाद यह निर्णय लिया गया है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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