बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से मिलेगी सुरक्षा, 29 छात्राओं को लगा एचपीवी का टीका

- डीएम ने जेएलएनएमसीएच के पीएसएम विभाग में मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना का किया शुभारंभ

मायागंज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) के पीएसएम विभाग के टीकाकरण कक्ष में गुरुवार को बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचाव के लिए निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने फीता काटकर किया. इस अवसर पर राजकीय सुंदरवती बालिका मध्य विद्यालय बरारी की 29 छात्राओं का टीकाकरण किया गया. डीएम ने कहा कि यह टीका पूर्णतः सुरक्षित है. मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत नौ से 14 वर्ष तक की बच्चियों का टीकाकरण होगा. जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य डॉ केके सिन्हा व सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक प्रसाद ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण से बच्चियों को गर्भाशय के मुख के कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाया जा सकता है. जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ हेमशंकर शर्मा ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण मेडिकल कॉलेज के पीएसएम भवन स्थित टीकाकरण कक्ष एवं सदर अस्पताल के ओपीडी भवन में दिया जायेगा. जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ धनंजय कुमार ने कहा कि 420 डोज एचपीवी वैक्सीन जिला को प्राप्त हुआ है. राज्य स्तर से वैक्सीन की दूसरी खेप मिलने से पहले सभी डोज खत्म कर दिया जायेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने कहा सभी हाई स्कूल एवं मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल नौ से 14 वर्ष तक की छात्राओं की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे. इस अवसर पर पीएसएम विभाग के एचओडी डॉ कामरान फजल, डीपीएम मणिभूषण झा, एचपीवी टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ फिरोजा तबस्सुम व अन्य डॉक्टर के साथ ही डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पीसीआई, यूएनडीपी के प्रतिनिधि मौजूद रहे. यह जानकारी संयुक्त निदेशक जनसंपर्क भागलपुर से मिली.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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