Bhagalpur news महाशिवरात्रि पर बटेश्वर नाथ धाम में होगी फूलों की होली

कहलगांव उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित बाबा बटेश्वर नाथ धाम में महाशिवरात्रि पर फूलों की होली होगी.

कहलगांव उत्तरवाहिनी गंगा तट स्थित बाबा बटेश्वर नाथ धाम में महाशिवरात्रि पर फूलों की होली सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे. कार्यक्रम की सफलता को लेकर केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ के अध्यक्ष विष्णु खेतान की अध्यक्षता में रविवार को स्थानीय लोगों ने मंदिर के पुरोहितों के साथ बैठक कर महाशिवरात्रि महोत्सव को सफल बनाने की रूप रेखा तय की. विष्णु खेतान ने बताया कि 25 फरवरी से मंदिर प्रांगण में पंडित आचार्य मनोज शास्त्री के सानिध्य में 24 घंटा का अखंड संकीर्तन औऱ रामायण पाठ होगा. फूलों से मंदिर को सजाया जाएगा. रुद्राभिषेक,भव्य शृृगार, छप्पन भोग, फूलों की होली व भंडारा का आयोजन संस्था की ओर से किया गया है. संस्था की ओर से बाबा बटेश्वर नाथ में महाशिवरात्रि प्याऊ के साथ एंबुलेंस, व्हीलचेयर की अतिरिक्त व्यवस्था की गयी है. मौके पर कालीचरण शर्मा, मो मिन्हाज, नवीन दूबे, केशव, शंकर झा, जय गुरु, वीरेंद्र झा, राकेश कुमार, निकेश कुमार, मनोज झा, कैलेंडर झा मौजूद थे.

बाबा नाम केवलम से शहर गुंजायमान, निकाली गयी कीर्तन शोभायात्रा

आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से घोघा स्थित हिडेन गार्डन परिसर में चल रहे सेमिनार के तीसरे दिन गुरु सकाश, पांचजन्य, प्रभात फेरी, ध्वज वंदना, सामूहिक साधना, आसन, कौशिकी, तांडव के उपरांत साधकों ने कीर्तन शोभायात्रा निकाली. अष्टाक्षरी महामंत्र बाबा नाम केवलम से वातावरण गुंजायमान रहा. आचार्य सत्याश्रयानन्द अवधूत ने कहा कि आध्यात्मिक यात्रा में, परम सत्ता या परमपुरुष को व्यक्त करने की चुनौती अत्यंत गहरी है. प्राचीन आध्यात्मिक ज्ञान में कहा गया है कि जो गुरु परम सत्ता को समझाने का प्रयास करता है, वह इसे सीधे तौर पर नहीं कर सकता, क्योंकि शब्द और प्रतीक स्वाभाविक रूप से सापेक्ष होते हैं. कृष्णाचार्य के उपदेश एक अनूठा समाधान प्रस्तुत करते हैं. बहरा और मूक व्यक्ति सूक्ष्म संकेतों और ध्वनियों से संवाद करते हैं, वैसे ही आध्यात्मिक साधक अपनी अभिव्यक्ति के लिए अधिक सूक्ष्म प्रतीकात्मक रूपों का उपयोग कर सकते हैं. मौके पर गृही आचार्य अनूप लालजी, आचार्य सदवीरानंद अवधूत, आचार्य कृपानंद अवधूत, आचार्य चित्तवत ब्रह्मचारी, आचार्य रघुरामानंद अवधूत, अवधुतिका आनंद, उत्तीर्णा आचार्या , आनंद लक्षिता आचार्या, आनंद लीना आचार्या सहित अन्य लोग मौजूद थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में संदीप कुमार, रघुनंदन कुमार, खुराना, विकास, अरुण, मुकेश, गौरव ने विशेष रूप से योगदान दिया.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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