गंगा का बढ़ता दबाव बना चुनौती, तटबंध बचाने के लिए तेज हुई कवायद, फ्लाइंग स्क्वाड ने किया निरीक्षण

Ganga River Erosion : गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए चल रहे सोल कटिंग कार्य की गुणवत्ता जांचने मुख्यालय से फ्लाइंग स्क्वाड की टीम पहुंची. अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की पड़ताल की. निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों और संवेदक को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए.

भागलपुर, गोपालपुर से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट

Bhagalpur News : नवगछिया अनुमंडल के इस्माईलपुर-बिंद टोली के बीच जल संसाधन विभाग द्वारा कराए जा रहे सोल कटिंग कार्य का बुधवार को मुख्यालय से आई उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) टीम ने निरीक्षण किया. करीब चार करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी की चौड़ाई बढ़ाकर तटबंधों पर पड़ने वाले जल दबाव को कम करना है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की विस्तार से जांच की.

गुणवत्ता और मानकों की हुई जांच

निरीक्षण के दौरान फ्लाइंग स्क्वाड की टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुपालन की जांच की. अधिकारियों ने कार्यस्थल पर अभियंताओं और संवेदक प्रतिनिधियों से जानकारी ली. साथ ही, यह सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप ही कराया जाये. टीम ने अधिकारियों को गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति, मिट्टी कटाई की गहराई तथा तकनीकी प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गयी.

तटबंध सुरक्षा के लिए जरूरी है सोल कटिंग

जानकारी के अनुसार, गंगा नदी की चौड़ाई अपेक्षाकृत कम हो गयी है. जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी का दबाव सीधे तटबंध पर पड़ता है, जिससे तटबंध के क्षतिग्रस्त होने या ध्वस्त होने का खतरा बना रहता है. इसी समस्या के समाधान के लिए नदी की चौड़ाई बढ़ाने और जल प्रवाह को सुचारू बनाने हेतु सोल कटिंग का कार्य कराया जा रहा है. तकनीकी मानकों के अनुसार, न्यूनतम जलस्तर से 50 सेंटीमीटर नीचे तक सोल कटिंग की जानी है. इससे नदी की जलधारण क्षमता बढ़ेगी और तटबंधों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होगा.

जनहित में गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी

उड़नदस्ता टीम के अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित निर्माण और संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है. इसका उद्देश्य योजनाओं का लाभ आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है. अधिकारियों ने कहा कि तटबंध सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हजारों लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा होता है. टीम ने कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >