bhagalpur news. नये शिक्षकाें काे गुटबाजी की राजनीति से दूर रहने की सलाह भारी पड़ा, दो शिक्षक भीड़े

टीएमबीयू में शिक्षकों का गुटबाजी सामने आने लगा है.

टीएमबीयू में शिक्षकों का गुटबाजी सामने आने लगा है. गुरुवार को पीजी अंग्रेजी विभाग में नियुक्त नये शिक्षकाें काे गुटबाजी की राजनीति से दूर रहने की सलाह पर यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट टीचर्स एसोसिएशन (यूडीटीए) के सचिव विवेक हिंद व टीएनबी काॅलेज शिक्षक संघ के सचिव सह टीएमबीयू के सिंडिकेट सदस्य निर्लेश कुमार आपस में भीड़ गये. दोनों तरफ से एक-दूसरे काे देख लेने व जान से मारने की धमकी दी गयी. एक-दूसरे पर हाथ छाेड़ने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है. दूसरे शिक्षकों के बीच-बचाव के बाद मामला को शांत कराया गया. हंगामा की सूचना पर आसपास के पीजी विभाग के शिक्षक व छात्र-छात्राओं की भीड़ लग गयी.

क्या है मामला –

यूडीटीए के सचिव विवेक हिंद अंग्रेजी विभाग में नियुक्त तीन शिक्षकाें से मिलने पहुंचे थे. इसी बीच अंग्रेजी विभाग के सहायक रामप्रकाश यादव ने नये शिक्षकों को शिक्षकाें व कर्मचारियाें के बीच की आपसी गुटबाजी से बचने, पठन-पाठन पर ध्यान देने की सलाह देने वहां पहुंच गये. इसी बात को लेकर विवेक हिंद व रामप्रकाश यादव के बीच बहसबाजी हो गयी. इस बाबत विवेक हिंद ने कुछ शिक्षकाें काे बुला लिया. दूसरी तरफ कर्मचारी रामप्रकाश यादव ने भी सिंडिकेट सदस्य निर्लेश कुमार काे फाेन कर बुलाया. दोनों पक्ष के लोग अंग्रेजी विभाग पहुंच गये. इसके बाद दोनों गुट के शिक्षकों के बीच विवाद और गहरा गया.

कर्मचारी का आरोप, विवेक हिंद के गुट के लाेग हड़का रहे थे

विभाग के कर्मचारी रामप्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि विवेक हिंद के गुट के लोग विभागाध्यक्ष के चैंबर में ही हड़काने लगे. गाली-गलौज करने के साथ मारने का भी प्रयास किया. कहा कि डर से उन्होंने निर्लेश कुमार काे बुलाया. उन्होंने कहा कि विभाग के तीनाें शिक्षक नये हैं. यहां के बारे में नहीं जानते हैं. इसलिए उन्हें सलाह दे रहे थे कि यहां की गुटबाजी से दूर रहते हुए पठन-पाठन पर ध्यान दीजिएगा. इस पर विवेक हिंद भड़क गये. उन्होंने अपने शिक्षक साथी को बुला लिया. वहीं, विवेक हिंद का पक्ष ले रहे पीजी केमिस्ट्री के शिक्षक बद्रीनाथ झा ने आरोप लगाया कि निर्लेश कुमार ने उन पर हाथ छाेड़ना चाहा. धमकी दी कि चलाे केमिस्ट्री विभाग बताते हैं.

सचिव के नाते नये शिक्षकों से मिलने गये थे – विवेक हिंद

यूडीटीए के सचिव विवेक हिंद ने कहा कि सचिव के नाते नये शिक्षकाें से मिलने अंग्रेजी विभाग गये थे. सबसे पहले विभागाध्यक्ष से मिले. उनसे अनुमति लेने के बाद नये शिक्षको से मिले. उन शिक्षकों से वार्ता कर ही रहे थे, तभी कर्मचारी रामप्रकाश यादव गुटबाजी की बात करने लगे. उन शिक्षकाें काे बरगलाने लगे. उन्हाेंने निर्लेश कुमार काे बुलाया. विवेक हिंद ने आरोप लगाया कि निर्लेश कुमार जान से मारने की धमकी दे डाला. कहा कि पूरे मामले को लेकर निर्लेश के खिलाफ विवि प्रशासन को लिखित शिकायत करेंगे. जरूरत पड़ी, तो कानून के शरण में भी जायेंगे.

रामप्रकाश ने डरे हुआ आवाज में फोन कर बुलाया – सिंडिकेट सदस्य

सिंडिकेट सदस्य निर्लेश कुमार बताया कि मैं टीएनबी काॅलेज में बैठक में था. तभी दोपहर करीब 1.15 बजे रामप्रकाश यादव का डरे हुए आवाज में उन्हें फोन आया. उन्होंने तुंरत विभाग आने के लिए कहा. वह मेरे संबंधी भी हैं. मैं अंग्रेजी विभाग गया, ताे देखा कि विवेक हिंद, बद्रीनाथ झा, निशांत सिंह, रविशंकर चौधरी ने रामप्रकाश यादव को धमका रहे थे. उस समय क्लास चल रही थी. मैंने उनलोगों से पूछा कि कक्षा के समय यहां क्या कर रहे हैं. इस बात पर मेरे साथ उलझ गये. उनलोगों द्वारा विवाद को बढ़ाया गया. निर्लेश ने आरोप लगाया कि उनलोगों ने जान से मारने की धमकी दी. जबकि मैंने शालीनता के साथ प्रतिकार किया. उक्तलोग 28 जून को भी पीजी गांधी विचार विभाग जाकर कक्षा के समय गुटबाजी कर रहे थे.

बाहर क्या हुआ जानकारी नहीं – विभागाध्यक्ष

अंग्रेजी विभाग के हेड प्रो आरती सिन्हा ने कहा कि बाहर क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने बताया कि विवेक हिंद नये शिक्षकों से मिलने आये थे. उनके चैंबर में आये, तब शिक्षक क्लास ले रहे थे. उनसे कहा गया कि क्लास के बाद मिल लें. क्लास खत्म होने के बाद वह नये शिक्षक से मिले. इसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है. कुछ देर बाद विवेक हिंद अपने कुछ शिक्षक साथियों के साथ दोबारा मेरे चैंबर में आये. कर्मचारी की शिकायत की. तुंरत कर्मचारी को चैंबर बुलाकर पूछताछ करने जा रहे थे. कुछ शिक्षक कर्मचारी पर भड़क गये. इसके बाद विवाद बढ़ने लगा. उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि चैंबर से बाहर जाये. इसके बाद क्या हुआ जानकारी नहीं है.

शिक्षकों को पढ़ने-पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए : रजिस्ट्रार

विवि के रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि घटना दुखद है. शिक्षकों को पढ़ने-पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. शिक्षकों को गुटबाजी से बचना चाहिए. उनका मूल काम पढ़ाई-लिखाई है. उन चीजों पर ध्यान दें. इस तरह की घटना विवि के छवि को धूमिल करने वाला है. कहा कि घटना के बारे में उन्हें जानकारी मिली है.

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By Atul kumar

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