मुख्य बातें:
कहलगांव (भागलपुर) से रिपोर्ट
Drinking Water Crisis: कहलगांव प्रखंड अंतर्गत धनौरा पंचायत के 3 वार्डों के करीब 500 घरों में पिछले 3 दिनों से पेयजल संकट गहरा गया है. वार्ड संख्या 14 में स्थित पीएचईडी (PHED) का मुख्य बोरिंग अचानक खराब हो गया है, जिसके कारण वार्ड नंबर 12, 13 और 14 में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. भीषण गर्मी के इस मौसम में पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.
बाजार से पानी खरीदने को मजबूर हैं लोग
- एक बोरिंग पर निर्भरता: ग्रामीणों ने बताया कि इसी खराब पड़े पंप हाउस से तीनों वार्डों के घरों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जाती थी. इसके बंद होने से पूरा इलाका प्रभावित है.
- दैनिक कार्यों में आफत: पीने के पानी के लिए लोग किसी तरह बाजार से जार खरीदकर काम चला रहे हैं, लेकिन खाना बनाने, नहाने और मवेशियों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए महिलाओं और बच्चों को चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के चापाकालों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.
Drinking Water Crisis: संवेदक को जल्द मरम्मत का निर्देश, अभियंता का बयान
ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आपदा जैसी इस स्थिति को देखते हुए तत्काल नए मोटर पंप की व्यवस्था कराई जाए.
इस संबंध में पीएचईडी के कनीय अभियंता राजकमल चौधरी ने बताया कि मोटर पंप जलने और तकनीकी खराबी आने की सूचना विभाग को मिली है. संबंधित संवेदक (ठेकेदार) को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे कारीगरों को भेजकर अगले 24 घंटे के भीतर बोरिंग की मरम्मत कराएं और जलापूर्ति को दोबारा सुचारु रूप से बहाल करें.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो प्रभावित वार्डों के लोग सड़क पर उतरकर पीएचईडी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.
