Bhagalpur news संत रविदास की जयंती मनायी

कहलगांव महादेव शंकरलाल कटारुका सरस्वती विद्या मंदिर पकड़तल्ला कहलगांव में संत रविदास की जयंती मनायी गयी

कहलगांव महादेव शंकरलाल कटारुका सरस्वती विद्या मंदिर पकड़तल्ला कहलगांव में संत रविदास की जयंती मनायी गयी. प्रमुख लालमुनि, अरविंद, घनश्याम, महेश तथा अन्य आचार्यों तथा प्रमुख भैया बहनों तन्नू, अंशिका,स्वस्ति आर्या, आर्ची, आयुष ने संयुक्त रूप से संत रविदास के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्पित किया. मौके पर भैया बहनों ने उनकी जीवनी, दोहे, उपदेश, गीत, भजन आदि की प्रस्तुति दी. जयंती प्रमुख लालमुनि जी ने सभी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि संत शिरोमणि ने जात पात से ऊपर उठ कर एक समरस समाज का निर्माण की बात कही थी, जो आज भी प्रासंगिक है. सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम भाव से ही एक स्वस्थ और समृद्ध समाज का निर्माण संभव है. मंच संचालन बहन तन्नू, बहन अंशिका और स्वस्ति आर्या ने किया. मौके पर स्कूल के शिक्षक व छात्र उपस्थित थे.

संत रविदास की जयंती पर पौधरोपण

नारायणपुर रायपुर वार्ड 10 के रविदास टोला में महान समाज सुधारक और महान संत रविदास जी महाराज की जयंती पर बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल अति पिछड़ा प्रकोष्ठ बिहार प्रदेश के महासचिव प्रमोद कुमार नागर के नेतृत्व में महोगनी का पौधा लगाया गया. मौके पर अभिजीत कुमार, नरेश रविदास, कारी देवी, बबीता देवी, संगीता देवी, रुबी देवी, मधु, पम्मी, रुपम, स्वीटी, ब्यूटी, चंदा , पीयूष, प्रिंस मौजूद थे.

सुलतानगंज में संत रविदास जयंती मनी

सुलतानगंज शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संत रविदास जयंती पर कार्यक्रम हुआ. मुख्य अतिथि राजद नेता अजीत कुमार थे. अध्यक्षता राजद अति पिछड़ा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नट बिहारी मंडल ने की. जन संसद संरक्षक ने मंदिर निर्माण में 51 हजार रुपये चंदा देने की बात कही. नटबिहारी मंडल ने कहा कि संत रविदास के विचारों को अपना समतामूलक समाज का निर्माण करना चाहिए. मौके पर प्रकाश दास, विजय यादव, राजीव यादव, धर्मेंद्र सिंह उर्फ तेजा, राजीव कुमार जायसवाल उर्फ टिंकू, विजय यादव, दिलिप कुमार दिवाना, शिरोमणि कुमार, देवानंद दास, विष्णु कुमार दास, वरुण दास, रामजीवन दास, भीम दास मौजूद थे.

रविदास जयंती पर बच्चों में कॉपी वितरित

नारायणपुर संत रविदास की 648वीं जयंती नारायणपुर गांव में धूमधाम से मनायी गयी. मुख्य अतिथि एएसआई बेगूसराय थाना के संजय रविदास ने कहा कि संत रविदास मध्यकाल में सामाजिक, समरसता और मानवता के महान संदेशवाहक के रूप में मानव समाज को असरदार संदेश दिये. विशिष्ट अतिथि पंकज यादव ने कहा कि हम सब बहुजन हैं. मनुष्य-मनुष्य में भेदभाव मानवता के हित में नहीं है. रविदास जयंती पर पांव रोटी दौड़, कुर्सी दौड़, सामूहिक नृत्य हुआ. पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पूनम सिंह ने बताया कि वार्ड एक के सैकड़ों बच्चों में कॉपी वितरण किया गया. मौके पर अनिल कुमार रविदास, सुमन रजक, सुधांशु कुमार, सुलोचना देवी, नंदन पासवान, क्रांति कुमारी, शांति, कुंदन,पलटन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

संत रविदास जयंती पर मुख्य पार्षद ने किया नमन

सुलतानगंज नप वार्ड 21 मुरारका कॉलेज रोड़ में बुधवार को संत रविदास की जयंती धूमधाम से मनी. नप के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू सहित पार्षद ने संत रविदास को नमन करते उनके बताये मार्ग पर चलने की बात कही. उनके विचारों से प्रेरणा लेने को कहा. मौके पर शंकर दास, महेश दास, पार्षद संजय कुमार चौधरी, नवीन कुमार बन्नी, सुभाष कुमार, रूबी देवी, राधा देवी मौजूद थी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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