Bridge In Bihar: बिहार में कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स और पुलों का निर्माण किया जा रहा है. ऐसे में कोसी नदी पर बिहार का सबसे लंबा पुल बनाया जा रहा है. यह पुल बिहार के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकता है. अगर सब कुछ तय समय के मुताबिक रहा, तो अगले आठ महीने में इस पुल पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी. इसके साथ ही लाखों लोगों का सफर आसान होगा और कई जिलों के बीच की दूरी भी काफी कम हो जाएगी.
कितने रुपये किए जायेंगे खर्च?
करीब 28.918 किलोमीटर लंबी पुल सह सड़क परियोजना का 96.6 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. यह परियोजना लगभग 996.30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है. पुल के चालू होते ही भागलपुर से मधेपुरा और सहरसा की दूरी करीब 60 किलोमीटर कम हो जाएगी. इसका सबसे बड़ा फायदा नेपाल जाने वाले यात्रियों को मिलेगा.
इन दो एनएच को जोड़ा जाएगा
इस परियोजना के तहत एनएच-31 और एनएच-106 को आपस में जोड़ा जा रहा है. सुपौल की ओर सड़क निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि मधेपुरा के फुलौत में कोसी नदी पर बन रहा 6.94 किलोमीटर लंबा फोरलेन पुल अब अंतिम फेज में है. टोटल 128 स्पैन में से 126 स्पैन तैयार किए जा चुके हैं और अब सिर्फ अंतिम स्पैन पर काम चल रहा है.
ये कंपनी कर रही पुल का निर्माण
इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण मे. एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कर रही है. शुरुआत में लक्ष्य जून 2024 तक काम पूरा करने का था, लेकिन कई कारणों से निर्माण की रफ्तार प्रभावित हुई. इसके बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना की समय-सीमा बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 कर दी. माना जा रहा है कि 96.60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अधिकांश भुगतान भी मिल चुका है.
व्यापार, शिक्षा, रोजगार को बढ़ावा
फिलहाल एक तरफ पुल के अंतिम हिस्से को पूरा किया जा रहा है, तो दूसरी ओर अप्रोच रोड पर तेजी से काम चल रहा है. डब्ल्यूएमएम, डीबीएम और बिटुमिनस लेयर बिछाने का कार्य भी अंतिम दौर में है. यह परियोजना पूरी होने के बाद केवल यात्रा का समय ही नहीं घटेगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और नेपाल से सीमा पार संपर्क को भी नई गति मिलेगी.
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