बेटी की शादी से पहले दर-दर भटक रही मां, बोली- गैस सिलिंडर नहीं मिला तो कैसे जलेगा चूल्हा?

Bihar LPG Crisis: बेटी की शादी की सारी तैयारियां पूरी हैं, लेकिन भागलपुर की एक मां गैस सिलिंडर की कमी से परेशान है. 17 अप्रैल को होने वाली शादी से पहले वह प्रशासन से गुहार लगा रही है- 'अगर गैस नहीं मिला, तो मेहमानों के लिए खाना कैसे बनेगा?'

Bihar LPG Crisis: हर मां का सपना होता है कि वह अपनी बेटी की शादी पूरे सम्मान और खुशियों के साथ करे. लेकिन भागलपुर की सुनिता देवी के लिए यह सपना अब चिंता में बदलता जा रहा है. उनकी बेटी की शादी 17 अप्रैल को तय है और घर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, लेकिन गैस सिलिंडर की कमी ने पूरे परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

‘मेहमान आएंगे, खाना कैसे बनेगा?’

अम्बई मारुफचक की रहने वाली सुनिता देवी बताती हैं कि घर में घरेलू गैस कनेक्शन तो है, लेकिन शादी जैसे बड़े आयोजन के लिए वह पर्याप्त नहीं है. उन्हें कम से कम चार कमर्शियल सिलिंडर की जरूरत है, लेकिन गैस एजेंसी से जवाब मिल रहा है कि सिलिंडर उपलब्ध नहीं है.

सुनिता देवी ने कहा कि, ‘मेहमान आएंगे, लेकिन चूल्हा कैसे जलेगा? इतने लोगों के लिए खाना कैसे बनेगा?’ उनकी आवाज में एक मां की बेबसी साफ झलक रही थी.

सारी तैयारी पूरी, एक कमी भारी

शादी के लिए कपड़े तैयार हैं, रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजा जा चुका है और घर भी सज चुका है. हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पूरी कर ली गई है. इसके बावजूद गैस सिलिंडर की कमी ने सारी खुशियों पर सवाल खड़ा कर दिया है.

‘अगर मेहमानों के सामने खाना नहीं बन पाया, तो समाज में क्या इज्जत रह जाएगी,’ यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

प्रशासन से लगाई उम्मीद

इस परेशानी से जूझ रही सुनिता देवी ने अब जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है. उन्होंने जिला पदाधिकारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवेदन देकर उचित मूल्य पर कमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने कहा कि महिला का आवेदन विभाग को भेजा जाएगा और वरीय अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Also Read: खुशखबरी! बिहार के 4 लाख घरों में जल्द पहुंचेगी PNG गैस, 6 कंपनियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

bhagalpur news. किराये के कमरे में युवती ने दुपट्टे से फंदा लगा कर की आत्महत्या

यह भी पढ़ें >